
नई दिल्ली। देश में जारी कोरोना वायरस ( coronavirsu ) संकट के बीच आज से नवरात्रि ( Navratri 2020 ) का आगाज हो गया है। हिन्दू धर्म में दुर्गा पूजा ( Durga Puja ) का खासा महत्व है। इस दौरान जगह-जगह पर मां दुर्गा की प्रतिमा लगाई जाती है। कई जगहों पर भव्य पंडाल ( Durga Pandal ) बनाया और सजाया जाता है, जिसे देखने के लिए दूर-दूर से लोग आते हैं। खासकर, कोलाकाता दुर्गा पंडाल ( kolkata Durga Pandal ) का पूरी दुनिया में नाम है। हर साल यहां के पंडालों की चर्चाएं होती है और अलग-अलग राज्यों और विदेशों से कोलकाता के पंडालों को देखने के लिए लोग पहुंचते हैं। यहां के पंडालों में मां दुर्गा की भव्य प्रतिमाएं बनाई जाती है। अलग-अलग अंदाज में मां के स्वरूप को दिखाया जाता है। लेकिन, इस साल एक पंडाल में मां दुर्गा के अलग रूप को दिखाया गया है, जो चर्चा का विषय बना हुआ है।
दुर्गा पंडाल में मां दुर्गा का नया स्वरूप
दरअसल, इस साल पूरे देश में कोरोना वायरस का प्रकोप छाया रहा है। इस महामारी के कारण कई सारी पाबंदियां लगाई गई और संपूर्ण लॉकडाउन लगा है। लॉकडाउन के कारण काफी संख्या में प्रवासी मजदूरों ने पलायन किए। लाखों की संख्या में प्रवासी मजदूर शहरों से गांव की ओर अपने पूरे परिवार के साथ लौटे। इस दौरान गरीबी, भूखमरी का बेहद खौफनाक नजारा लोगों को देखने को मिला। इस मार्मिक दृश्य को कोलकाता के बेहला के बड़िशा क्लब ने इस साल थीम प्रतिमा को प्रस्तुत किया है। लॉकडाउन के दौरान कई प्रवासी मजदूर महिलाएं अपनी गोद में बच्चों को लेकर सड़कों पर चलते हुए नजर आईं। लिहाजा, बड़िशा क्लब मां दुर्गा की गोद में कार्तिकेय रूपी बच्चे को दिखाया है। इसे लेकर तैयारियां शुरू हो गई है और प्रतिमा को अंतिम रूप से दिया जा रहा है। क्लब के एक अधिकारी का कहना है कि दुर्गा को शक्ति का रूप का कहा जाता है। कोरोना काल में दुर्गा का यह रूप कई बार लोगों को देखने को मिला।
लॉकडाउन के दौरान संघर्ष को प्रतिमा पर उकेरा
अधिकारी का कहना है कि एक मां अपने बच्चों के लिए किस तरह और कहां तक संघर्ष करती है, हमलोग इसका रूप देख चुके हैं। लिहाजा, इस बार मां दुर्गा के इसी रूप को हमलोगों ने दिखाने का फैसला किया। बताया जा रहा है कि इस प्रतिमा को रिंटू पाल नामक शख्स ने तैयार किया है। जैसा आप तस्वीरों में देख सकते हैं कि मां दुर्गा का यह स्वरूप कितना भव्य लग रहा है।