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लेफ्टिनेंट जनरल बीएस राजू बोले – कश्मीर में उग्रवाद की कमर टूटने से पाकिस्तान हताश

पाकिस्तान अपने एजेंडे से पीछे हटने को तैयार नहीं रियाज नायकू की हत्या से आतंकी संगठनों के हौसले पस्त पाक समर्थित मिलिटेंसी में आई भारी गिरावट

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नई दिल्ली। लेफ्टिनेंट जनरल बीएस राजू ( Lieutenant General BS Raju ) ने मीडिया से बातचीत में कहा कि जम्मू-कश्मीर ( Jammu-Kashmir ) में स्थिति नाजुक लेकिन नियंत्रण में है। लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एहतियाती उपाय किए जा रहे हैं। भारतीय सेना ( Indian Army ) ने पुलवामा हमले के बाद विभिन्न आतंकवादी संगठनों के शीर्ष स्थानीय कमांडरों को सफलतापूर्वक निष्प्रभावी कर दिया है।

कश्मीर घाटी ( Kashmir valley ) में आतंकवाद की कमर टूट चुकी है। भारतीय सेना को आतंक के खिलाफ मिली इस सफलता से पाकिस्तान सरकार और वहां की सेना हताश है।

इसके बावजूद पाकिस्तान घाटी में आतंक के अपने एजेंडे को लागू करने में लगा है। पाकिस्तान सेना लगातार संघर्ष विराम उल्लंघन का सहारा ले रही है। इस बीच हंदवाड़ा में आतंकी अपने मंसूबों को अंजाम देने में जरूर सफल हुए लेकिन रियाज नायकू के मारे जाने के बाद से आतंक का अंतिम किला भी ढह गया। रियाज नायकू मौत से पाक सरकार और आतंकी संगठनों के आका पूरी तरह से विचलित है।

भारतीय सेना के लगातार प्रयासों के कारण कश्मीर घाटी में मिलिटेंसी में भारी गिरावट आई है। सुरक्षा अभियानों में नागरिक जीवन का कोई नुकसान नहीं हुआ है। यह वास्तव में कश्मीर में शांति बनाए रखने के लिए सभी हितधारकों के प्रयासों की पहचान है। इसे सेना की सफलता के रूप में भी देखा जा सकता है।

जहां तक उग्रवादी संगठनों की सक्रियता और आतंकियों की संख्या की बात है तो इसका जवाब यही है कि सेना न संख्या पर काम करती न अवधारणाओं पर। पिछले एक साल में, हिजबुल मुजाहिदीन, लश्कर-ए-तैयबा, अंसार गज़वत-उल हिंद और जैश-ए-मोहम्मद सहित सभी आतंकवादी तन्ज़ीमों के नेतृत्व को समाप्त कर दिया गया है। अब घाटी में आतंकी संगठन नेतृत्वहीन है।

आतंकवादी संगठनों में स्थानीय युवाओं की भर्ती 2018 से 2019 तक 45 फीसदी की कमी आई है। 2020 में भी भर्ती बहुत कम हो रहा है। पाकिस्तान प्रायोजित आतंकी सेल पत्थरबाजी को जरूर बढ़ावा देने में लगे हैं। इसके अलावा, एक आतंकवादी के जीवन काल में भारी गिरावट आई है, जिसमें 64% एक वर्ष के भीतर समाप्त हो गए हैं।

इंटरनेट सेवाओं पर रोक और अब सीमित स्पीड वाले इंटरनेट सेवाओं की वजह से भारतीय सेना ने पाक के आतंकवादी एजेंडे को निष्प्रभावी बना दिया है। घाटी के युवाओं को गुमराह करने के लिए पाकिस्तान द्वारा फैलाए जा रहे झूठे प्रचार इससे सीमित करने में मदद मिली है।

वर्तमान में, 2 जी और ब्रॉडबैंड इंटरनेट उपलब्ध है और जो इंटरनेट पर सभी आवश्यक काम करने में सक्षम बनाता है। अगर अब हाई स्पीड इंटरनेट बहाल कर दिया जाता है, तो पाकिस्तान अपने ऑनलाइन प्रचार तंत्र को लगाकर शांतिपूर्ण वातावरण को समाप्त करने की कोशिश करेगा।

Updated on:
13 May 2020 02:42 pm
Published on:
13 May 2020 01:24 pm
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