Corona की दूसरी लहर के बीच Tirumala Tirupati Devasthanam में सीमित हुई भक्तों की संख्या
नई दिल्ली। देश भर में कोरोनोवायरस संक्रमण में तेजी से वृद्धि का असर भगवान वेंकटेश्वर के मंदिर पर महसूस किया गया, जिसमें तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम ( Tirumala Tirupati Devasthanams ) ने तीर्थयात्रियों को दर्शन की अनुमति देने के लिए नियमों में बड़ा बदलाव किया। इसके तहत अब दर्शन के लिए सीमित संख्या में ही श्रद्धालुओं की एंट्री होगी।
टीटीडी ने कोरोना के बढ़ते खतरे के बीच ऑनलाइन बुकिंग करवाने वाले भक्तों के टिकट की वैधता को 90 दिनों के लिए बढ़ा दिया है। ताकि एक ही समय पर ज्यादा भीड़ ना हो।
टीटीडी ने कहा है कि, जिन भक्तों ने 300 रुपए का टिकट ऑनलाइन बुक किया है और वे कोविड के चलते इस महीने की 21 से 30 तारीख तक तिरुमाला दर्शन के लिए जाने वाले हैं, वे अगले 90 दिनों के लिए दर्शन का लाभ उठा सकते हैं।
टीटीडी ने कोविद मामलों में तेजी के मद्देनजर कई निर्णय लिए हैं। सर्वदर्शन के लिए पहले ही तिरुपति में टाइम स्लॉट टोकन जारी करना बंद कर दिया है। खांसी और जुकाम से पीड़ित भक्तों को तीर्थ यात्रा स्थगित करने के लिए कहा गया है।
टीटीडी ने इससे पहले तीर्थयात्रियों को तिरुमाला में जाने पर प्रतिबंध लगा दिया है। मंदिर तक पैदल जाने वालों को सुबह 9 बजे के बाद या तो एक दिन पहले ही ट्रेक किया जा रहा है। शहर में बड़ी संख्या में तीर्थयात्री एकत्र ना हों इससे बचने के लिए ये पहल की गई है।
कोरोना वायरस के संक्रमण की दूसरी लहर के बीच टीटीडी ने मार्च के अंतिम सप्ताह में 300 रुपए की स्पेशल एंट्री / सिघरा दर्शन के टिकटों का अप्रैल कोटा जारी किया था। प्रभावी रूप से भक्तों की संख्या 1 मई से एक दिन में 15,000 भक्तों तक ही रह जाएगी। वहीं 20 अप्रैल को 300 विशेष प्रवेश दर्शन प्रारूप के तहत ऑनलाइन अपने दर्शन स्लॉट बुक करने होंगे।
आपको बता दें कि कोरोना के चलते टीटीडी ने 1 अप्रैल से मुफ्त दर्शन टोकन जारी करना बंद कर दिया है।