
नई दिल्ली। कोरोना वायरस से जूझती राजधानी दिल्ली में Lockdown 3.0 एक अच्छी खबर लेकर आया है। यों तो आज यानी रविवार को लॉकडाउन के तीसरे चरण का समापन हो रहा है, लेकिन इस दौरान दिल्ली में कोरोना वायरस मरीजों के ठीक होने की संख्या तीन गुना बढ़ी है।
कोरोना वायरस को लेकर दिल्ली सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक बीते तीन मई तक यानी लॉकडाउन 3.0 की शुरुआत के एक दिन पहले तक राजधानी में COVID-19 के 1362 मरीज रिकवर होकर वापस घर चले गए थे। इसके बाद 4 मई से लॉकडाउन 3.0 लागू हो गया। इस अवधि में यानी 4 से लेकर 16 मई तक कोरोना वायरस से रिकवर होने वाले मरीजों की तादाद में करीब तीन गुना इजाफा हुआ और 3926 मरीज ठीक हो गए।
वहीं, राजधानी में कोरोना वायरस से होने वाली मौतों के संबंध में दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि इसका सबसे अधिक शिकार बुजुर्ग बने। दिल्ली में 60 वर्ष या इससे ज्यादा की आयु वाले 62 बुजुर्गों की मौत कोरोना वायरस से हुई है।
वहीं, COVID-19 से दम तोड़ने वालों में 35 लोग ऐसे थे जिनकी उम्र 50 से लेकर 59 वर्ष तक थी। 50 वर्ष से कम आयु के 26 लोगों की मौत की वजह यह महामारी बनी।
बता दें कि लॉकडाउन 1.0 के दौरान दिल्ली सरकार ने 5T प्लान पर काम किया। इस दौरान सरकार ने हॉट-स्पॉट इलाकों के लिए ऑपरेशन शील्ड चलाया तो 50 हजार से ज्यादा लोगों को होम क्वारंटाइन में भेजा।
इस दौरान LNJP, जीबी पंत, राजीव गांधी, अपोलो, साकेत, गंगाराम जैसे अस्पतालों में कोरोना मरीजों का इलाज शुरू किया। जबकि राजधानी में तीन से ज्यादा लोगों के एकजुट होने पर पाबंदी लगाई।
वहीं, लॉकडाउन 2.0 में सरकार ने हॉट-स्पॉट में सैनेटाइजेशन अभियान शुरू किया और फल-सब्जी मंडियों में ऑड-इवेन नियम लागू किया। जबकि होम क्वारंटाइन में भेजे गए लोगों पर नजर रखने के लिए कंटेनमेंट ऐप तैयार किया और बच्चों के लिए घर में ही हैप्पीनेस क्लासेज चालू कीं।
लॉकडाउन 3.0 में दिल्ली सरकार ने कोरोना मरीजों को घरों में ही आइसोलेशन की मंजूरी दे दी। इसके साथ ही घरों में रहने वाले मरीजों की निगरानी के लिए डॉक्टरों की टीम बनाई। इस दौरान कंटेनमेंट जोन की संख्या 96 से घटकर 76 पहुंची और शाम 7 से सुबह 7 बजे तक गैर-जरूरी सेवाओं से जुड़े लोगों के बाहर निकलने पर पूर्ण प्रतिबंध लागू किया।