ललित कुमार साल्वे ने अपने वरिष्ठ पुलिसकर्मी को यहां मंगलवार को सलामी दी और जेंडर चेंज से संबंधित सर्जरी के एक महीने बाद दोबारा ड्यूटी शुरू की।
नई दिल्ली। खाकी यूनिफार्म और नीली बेरेत (टोपी) पहने कांस्टेबल ललित कुमार साल्वे ने अपने वरिष्ठ पुलिसकर्मी को यहां मंगलवार को सलामी दी और जेंडर चेंज से संबंधित सर्जरी के एक महीने बाद दोबारा ड्यूटी शुरू की। अपने नए 'अवतार' में खुश और आत्मविश्वासी दिख रहे पुलिसकर्मी साल्वे ने मजालगांव पुलिस स्टेशन में अपने वरिष्ठ पुलिसकर्मी राजू तोलकर को रिपोर्ट की। जेंडर चेंज करवाने से पहले ललित कुमार साल्वे का नाम ललिता कुमारी साल्वे था।
देश में यह पहला मामला है, जिसमें एक महिला पुलिसकर्मी ने जेंडर चेंज करवाकर पुरुष पुलिसकर्मी के तौर पर दोबारा ड्यूटी शुरू की। साल्वे ने काफी बाधाओं, न्यायालय, राजनीतिक व प्रशासनिक लड़ाइयां लड़ने के बाद यह सफलता पाई है। साल्वे ने मीडिया से कहा कि सर्जरी के बाद मेरी जिंदगी बदल गई है। यह मेरे लिए पुनर्जन्म जैसा है..यह मेरे परिवार के लिए काफी खुशी का दिन है..जो मैं महसूस कर रहा हूं, वह बयां नहीं किया जा सकता, लेकिन हम सब अभिभूत हैं। उन्होंने कहा कि वह पुरुष के तौर पर ज्यादा विश्वास महसूस कर रहा है।
ललिता कुमारी साल्वे को 22 मई के मुंबई के संत जार्ज अस्पताल में भर्ती कराया गया था और पिछले हफ्ते उसकी सफलतापूर्वक सर्जरी के बाद उसे ललित कुमार के रूप में अस्पताल से छुट्टी मिली।वर्ष 2014 में, ट्रांससेक्सुअल जेंडर के लक्षण उभरने के बाद वह सदमे में चली गई थी और उसके जीन में वाई स्टेटस होने की वजह वह पुरुषों के बदले महिलाओं के प्रति आकर्षित होने लगी थी। कई टेस्ट के बाद, डॉक्टरों ने उसे 2016 में स्थायी उपाय के तहत जेंडर चेंज सर्जरी कराने की सलाह दी थी।