
नई दिल्ली। देश में कोरोना वायरस ( coronavirus ) के चलते 25 मार्च को लॉकडाउन ( Lockdown ) लगाया था। इसके साथ ही देशभर में धार्मिक स्थलों पर दर्शन भी बंद कर दिए गए थे। लेकिन लॉकडाउन के चार चरणों के बाद अब केंद्र सरकार ( Central Govt ) ने अनलॉक-1 ( Unlock 1.0 ) के तहत राज्यों को ये छूट दी है कि वे अपने राज्यों के हालातों के आधार पर ढील बढ़ा सकते हैं। यही वजह है कि कई राज्यों में अब धार्मिक स्थलों को खोलने की तैयारी शुरू हो गई है।
इस बीच माता वैष्णोदेवी ( Mata Vaishno Devi yatra ) के भक्तों ( Devotees ) को लेकर भी बड़ी खबर सामने आई है। 8 जून से अनलॉक 1 शुरू हो रहा है, जिसमें देश के सभी धार्मिक स्थल खोलने की बात कही गयी है, लेकिन प्रसिद्ध वैष्णो देवी की यात्रा शुरू होगी या नहीं इसको लेकर अभी संशय बरकरार है।
कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए विश्व प्रसिद्ध माता वैष्णो देवी की पवित्र यात्रा को 18 मार्च को रोक दिया गया था। लेकिन अनलॉक-1 में 8 जून से धार्मिक स्थलों को खोलने की सूचना के बाद से ही चर्चा शुरू हो गई थी कि क्या वैष्णोदेवी का मंदिर भी खोला जाएगा।
इस बारे में जब यात्रा का संचालन करने वाला श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ( Shrine Bord ) से हाल जाना तो उन्होंने कहा कि इस यात्रा के बंद होने के बाद से कटरा से माता के मंदिर परिसर तक के 12 किलोमीटर ट्रैक पर सैनिटाइजेशन ( Sanitisation ) का व्यापक अभियान चला रहा है।
श्री माता वैष्णो देवी की यात्रा का संचालन करने वाले श्री माता वैष्णोदेवी श्राइन बोर्ड ने यह साफ कर दिया है कि यात्रा को शुरू करने का अंतिम फैसला बोर्ड ही लेगा।
स्वास्थ्य विभाग के निर्देशों का इंतजार
बोर्ड ने दावा किया है कि फिलहाल वो उन दिशानिर्देशों का इंतजार कर रहा है, जो धर्मस्थलों की यात्रा को शुरू करने से पहले स्वास्थ्य विभाग को जारी करनी है।
गाइडलाइन के मुताबिक तैयार होगी रूपरेखा
इसके साथ ही बोर्ड प्रदेश सरकार की ओर से जारी होने वाली गाइडलाइन्स का भी इंतजार कर रहा है, ताकि यात्रा को शुरू करने को लेकर रूपरेखा तैयार की जाए।
बोर्ड का दावा है कि अभी तक यात्रा को शुरू करने या फिर यात्रा को शुरू करने के बाद किन प्रोटोकॉल्स का पालन होना है, किसी तरह के दिशानिर्देश सामने नहीं आए हैं।
यही वजह है कि यात्रा शुरू होगी या नहीं फिलहाल कह पाना मुश्किल है। बोर्ड का दावा है कि इस यात्रा के लिए देश भर से करोड़ों यात्री साल भर में कटरा पहुंचते हैं, जिनकी सुरक्षा बोर्ड की प्राथमिकता है।
दरअसल, यात्रा का संचालन करने वाले बोर्ड के मुखिया राज्य के उपराज्यपाल हैं, जो इस बोर्ड के 7 अन्य सदस्यों के साथ मिलकर इस यात्रा को लेकर अहम फैसले लेते हैं।
श्री माता वैष्णो देवी बोर्ड के इन्हीं 8 सदस्यों के पास यात्रा को लेकर हर बड़ा फैसले करने का अधिकार है, जिनमें यात्रा को दोबारा शुरू करना भी शमिल है।