
नई दिल्ली। देशभर में महामारी कोरोना वायरस की दूसरी लहर का कहर जारी है। रोजाना कोरोना के मरीजों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। इस बीमारी से मरने वाले वालों का आंकड़ा भी बढ़ रहा है। कंज्यूमर रोबोट्स ब्रांड मिलाग्रो के संस्थापक और चेयरमैन राजीव करवाल का बुधवार को कोरोना से निधन हो गया। खबरों के अनुसार, राजीव करवाल पिछले दिनों से काफी बीमार थे और उनको वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया था। करवल को भारतीय इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग में एक पेशेवर के रूप में बेहद सफल कार्यकाल के लिए जाना जाता था। वह 2007 में मिलाग्रो की स्थापना से पहले ओनिडा, एलजी, फिलिप्स, इलेक्ट्रोलक्स और रिलायंस डिजिटल जैसे प्रमुख इलेक्ट्रॉनिक्स ब्रांडों के शीर्ष प्रबंधन का हिस्सा थे।
कोरोना के समय रोबोट का बड़ा महत्व
कोविड-19 महामारी के दौरान मिलाग्रो रोबोट ने महत्व प्राप्त किया क्योंकि अस्पतालों ने डॉक्टरों की मदद के लिए ह्यूमनॉइड का उपयोग करना शुरू कर दिया था। पिछले साल एम्स दिल्ली के उन्नत कोविड-19 वार्ड में डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों के बीच महामारी फैलाने के लिए इसके दो रोबोट तैनात किए गए थे। पिछले दिनों एक इंटरव्यू में कंपनी के संस्थापक राजीव करवाल ने बताया कि महामारी के मद्देनजर घरेलू सहायक व सहायिका की कमी होने से फर्श साफ करने वाले रोबोट तथा अन्य रोबोट की मांग बढ़ी है। कोविड-19 के कारण चालू वित्त वर्ष में रोबोट की बिक्री में 15 से 20 गुना वृद्धि होने की उम्मीद है।
इंडियन इलेक्ट्रॉनिक्स जगत में योगदान
साल 2007 में स्थापित मिलाग्रो शुरू में एक प्रबंधन परामर्श फर्म थी। कंपनी ने 2012 से आवासीय और औद्योगिक उपयोग के लिए रोबोट बनाना शुरू कर दिया है। इसके बाद कंपनी कंज्यूमर रोबोट्स ब्रांड के रूप में मशहूर हुई। साल 1997 में LG कॉर्प को भारत करवाल ही लाए थे। इसके साथ ही करवाल रिलायंस रिटेल और Electrolux Kelvinator के CEO भी रहे थे। करवाल इंडियन इलेक्ट्रॉनिक्स जगत में अपने योगदान के लिए जाने जाते थे।