पीएम मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने दी मिशन कर्मयोगी ( Mission KarmaYogi ) को मंजूरी। प्रधानमंत्री मोदी ( Prime Minister Narendra Modi ) ने कहा कि मिलेगी सरकारी बाबुओं को और अधिक पेशेवर बनाने में मदद। गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि यह 21वीं सदी के लिए एक ऐतिहासिक सुधार है।
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ( Prime Minister Narendra Modi ) ने बुधवार को केंद्रीय कैबिनेट से मंजूरी प्राप्त योजना 'मिशन कर्मयोगी' ( Mission KarmaYogi ) के उद्देश्यों के बारे में जानकारी दी। पीएम मोदी ने इस योजना को सरकारी मानव संसाधन प्रबंधन में मौलिक सुधार करने वाला बताया है।उन्होंने कहा, "आज मंत्रिमंडल द्वारा सिविल सेवा क्षमता निर्माण के लिए स्वीकृत किए गए राष्ट्रीय कार्यक्रम से सरकारी मानव संसाधन प्रबंधन प्रथाओं में मौलिक सुधार होगा। यह योजना सिविल सेवकों की क्षमता बढ़ाने के लिए बुनियादी ढांचे के पैमाने और स्थिति का उपयोग करेगी।"
पीएम मोदी ने आगे कहा, "एकीकृत सरकारी ऑनलाइन प्रशिक्षण मंच (IGOT) प्लेटफ़ॉर्म कार्य-आधारित मानव संसाधन प्रबंधन और निरंतर ज्ञान के लिए परिवर्तन सक्षम करेगा। मिशन कर्मयोगी का उद्देश्य पारदर्शिता और प्रौद्योगिकी के माध्यम से भविष्य के लिए सरकारी कर्मचारियों को अधिक सृजनात्मक, रचनात्मक और नवोन्मेषी बनाना है।"
इससे पहले पीएम मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में सरकारी बाबुओं को और अधिक पेशेवर (प्रोफेशनल) बनाने के लिए मिशन कर्मयोगी को मंजूरी दी गई। मिशन कर्मयोगी के अंतर्गत सिविल सेवकों को अब कल्पनाशील और इनोवेटिव, पेशेवर और प्रगतिशील, ऊजार्वान और चमत्कारी, पारदर्शी एवं तकनीक युक्त, रचनात्मक और सृजनात्मक बनाने की तैयारी की गई है। सिविल सेवकों के लिए प्रशिक्षण के मानक को भी बढ़ाया जाएगा।
वहीं, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि मोदी सरकार भविष्य की सिविल सेवा निर्माण के प्रति प्रतिबद्ध है। सिविल सेवाओं में संरचनात्मक परिवर्तन लाने के लिए मंत्रिमंडल द्वारा बुधवार को ‘मिशन कर्मयोगी’ को मंज़ूरी देने के लिए गृह मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया।
शाह ने कहा, "यह 21वीं सदी के लिए एक ऐतिहासिक सुधार है। यह अलग-अलग काम करने की संस्कृति को समाप्त कर एक नई कार्य संस्कृति को प्रारंभ करेगा। सिविल सेवा व्यवस्था में जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए लक्ष्य आधारित और निरंतर प्रशिक्षण व्यवस्था से सिविल सेवक सशक्त और संवेदनशील बनेंगे।"
बता दें कि मिशन कर्मयोगी एक राष्ट्रीय क्षमता निर्माण कार्यक्रम है, जो सभी विभागों और सेवाओं के लिए सालाना क्षमता निर्माण योजना निर्धारित करेगा, इस योजना के क्रियान्वयन की निगरानी करेगा, कुशल सेवा निष्पादन सुनिश्चित करेगा और तकनीकी आधारित सीखने की प्रक्रिया को प्रोत्साहित करेगा।