केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ( Ministry of Health and Family Welfare ) ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी जानकारी। भारत में वैक्सीन ( covid-19 vaccine ) की खरीदारी-प्रबंधन-परिवहन-प्रशिक्षण के लिए बना है राष्ट्रीय विशेषज्ञ समूह। रूस ( Russia Covid-19 vaccine ) ने मंगलवार को घोषणा की कि इसने विकसित कर ली है प्रभावी कोरोना वायरस वैक्सीन ( Coronavirus vaccine )।
नई दिल्ली। कोरोना वायरस के देश में तेजी से बढ़ते मामलों ( Coronavirus Cases in India ) के बीच मंगलवार को रूस से एक अच्छी खबर आई। रूस ( russia ) ने दावा किया है कि इसने कोरोना वायरस की वैक्सीन ( Russia Covid-19 vaccine ) बना ली है और सबसे पहले राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की बेटी को यह वैक्सीन ( covid-19 vaccine ) दी गई। ऐसे में यह बड़ा सवाल जरूर सामने खड़ा हो जाता है कि क्या भारत इस वैक्सीन ( Coronavirus vaccine ) को भारत में लाने के लिए रूस के साथ समझौता करेगा। मंगलवार को केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस बात का जवाब दिया।
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ( Ministry of Health and Family Welfare ) के सचिव राजेश भूषण ने मंगलवार को इस बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कोरोना वायरस वैक्सीन ( Worlds First Coronavirus Vaccine ) की खरीदारी एवं प्रबंधन समेत इसके परिवहन और अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं पर विचार करने के लिए केंद्र सरकार ने एक राष्ट्रीय विशेषज्ञ समूह का गठन किया है। नीति आयोग के सदस्य डॉ. वीके पॉल की अध्यक्षता में बनाए गए इस समूह की बुधवार 12 अगस्त को एक बैठक आयोजित की जाएगी।
उन्होंने आगे बताया कि राष्ट्रीय विशेषज्ञ समिति वैक्सीन के मैनेजमेंट, डिस्ट्रीब्यूशन, कोल्ड चेन और वैक्सीनेशन के लिए ट्रेनिंग देने की प्राथमिकता के पहलुओं पर रणनीति बनाएगी। यह समिति सभी राज्य सरकारों एवं वैक्सीन निर्माताओं व अन्य हितधारकों के साथ काम करेगी।
वहीं, एम्स के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया ने कहा कि अगर रूस की वैक्सीन सफल है, तो हमें गुण-दोष की दृष्टि से देखना होगा कि क्या यह सुरक्षित और असरदार है। भारत के पास वैक्सीन के व्यापक उत्पादन की क्षमता है।
इससे पहले भूषण ने बताया कि देश में फिलहाल कोरोना वायरस का रिकवरी रेट ( corona patients recovery rate ) आज 70 फीसदी हो गया है। देश में कोरोना वायरस ( covid-19 updates ) के कुल 15 लाख 83 हजार 489 मरीज रिकवर हो चुके हैं। बीते 24 घंटों के भीतर कोरोना के 47,746 मरीजों को डिस्चार्ज कर दिया गया है। फिलहाल देश में कोरोना वायरस के एक्टिव केस ( Coronavirus Active Case ) की संख्या 6 लाख 39 हजार 929 हैै। यह देश में कुल कोरोना वायरस केस की संख्या का 28.21 फीसदी है।
भूषण ने आगे बताया कि कोरोना के लगातार रिकवर होते मरीजों और इनकी बढ़ती संख्या के चलते इनमें और एक्टिव केस में तकरीबन 9.50 लाख का अंतर आ गया है। केस फैटेलिटी रेट यानी मरीजों की मृत्यु दर देश में वैश्विक औसत की तुलना में कम रही है। फिलहाल यह दर 2 फीसदी से घटकर 1.99 फीसदी पर आ गई है।
मंत्रालय के मुताबिक भारत में अब कोरोना वायरस के कुल केस की संख्या 22 लाख 68 हजार 675 पहुंच चुकी है। इनमें
अब तक 45,257 लोगों की इस महामारी से मौत ( Coronavirus Deaths ) हो गई है। बीते 24 घंटों के भीतर 871 लोगों ने इस महामारी से दम तोड़ दिया है।
बता दें कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने मंगलवार को ऐलान किया कि उनके देश ने कोरोना वायरस से लड़ाई के लिए पहली वैक्सीन विकसित कर ली है। यह वैक्सीन कोरोना वायरस महामारी से निपटने में बेहद प्रभावी ढंग से काम करती है। इसके साथ ही यह वैक्सीन मरीज में स्थायी इम्यूनिटी का भी निर्माण करती है। उन्होंने बताया कि उनकी बेटी को यह वैक्सीन पहले ही दी जा चुकी है और यह दुनिया के लिए एक बड़ा कदम है।