नागपुर स्थित आरएसएस मुख्यालय सालाना दहशरा मौके पर पहुंचे मोहन भागवत शस्त्र पूजा करने के बाद देश के लोगों ने राम मंदिर और धारा 370 को संयम से स्वीकारा
नई दिल्ली। विजयदशमी के मौके पर मोहन भागवत ( Mohan Bhagwat ) ने अपने संबोधन में कहा कि देश को कोरोना वायरस से काफी कम नुकसान हुआ है। वहीं उन्होंने राम मंदिर ( Ram Temple ) के फैसले के बाद आम लोगों के संयम की भी काफी सराहना की। वहीं उन्होंने धारा 370 ( Article 370 ) के खत्म होने के बाद लोगों ने काफी समझदारी से काम लिया। आपको बता दें कि नागपुर के आरएसएस मुख्यालय में प्रत्येक वर्ष दशहरा पूजा के शस्त्र पूजा भी होती है। जहां आरएसएस प्रमुख मौजूद रहते हैं।
सीएए पर भी बोले आरएसएस प्रमुख
मोहन भागवत ने सिटीजन एमेंडमेंट एक्ट पर कहा कि देश के कुछ पड़ोसी देशों से संप्रदायिक प्रताडना सहकर आने वाले लोगों को मानवता के हित में शीघ्र नागरिकता प्रदान करने का प्रावधान किया गया था। भारत के इस नागरिकता संशोधन अधिनियम कानून में किसी संप्रदाय विशेष का विरोध नहीं है। वहीं उन्होंंने राम मंदिर के फैसले को ऐतिहासिक बताया और आम लोगों द्वारा रखे गए संयम की सराहना भी की। उन्होंने इस अवसर धारा 370 का जिक्र भी किया।
कोरोना से कम हुआ है देश को नुकसान
उन्होंने कोरोना वायरस को लेकर कहा कि देश में नुकसान दुनिया के बाकी देशों के मुकाबले कम देखने को मिला है। उन्होंने इस मामले में केंद्र सरकार की तारीफ की और कहा कि केंद्र ने सही समय पर उचित कदम उठाए और देश को इस महामारी से होने वाले संभावित ज्यादा नुकसान से बचाया। दुनिया के बाकी देश में भारत के मुकाबले स्थिति काफी दयनीय है।
संघ प्रमुख ने शस्त्रों की पूजा
आरएसएस प्रमुख ने विजयादशमी के मौके पर नागपुर मुखयालय में पूजा की और शस्त्रों को भी नमन किया। वास्तव में विजयादशमी के मौके पर आरएसएस का स्थापना दिवस भी होता है और प्रत्येक वर्ष इस मौके पर नागपुर मुख्यालय में कार्यक्रम आयोजित होता है। मौजूदा कोरोना काल में इस साल सिर्फ 50 लोगों को ही इस समारोह में बुलाया गया था।