मौसम विभाग ने जारी की बड़ी चेतावनी, देश के कई इलाकों में मानसून बनेगा आफत। घर से निकलने से पहले हो जाएं अलर्ट।
नई दिल्ली। देशभर में मानसून ने अपने पैर पसार लिए हैं। कुछ इलाकों में हालात इतने बदतर हो गए हैं कि लोगों को जीना भी मुश्किल हो गया है। खास तौर पर महाराष्ट्र के कई इलाकों में बारिश ने शहर की रफ्तार पर रोक लगा दी है। वहीं मौसम विभाग की माने तो आने वाले 24 घंटे देश के कई राज्यों में मुश्किलभरे हो सकते हैं। यहां मानसून जरूरत से ज्यादा मेहरबान रहेगा। भारतीय मौसम विभाग ने आज कोंकण-गोवा, मध्य प्रदेश और दक्षिणी गुजरात में भारी बारिश की आशंका जताई है। इसके अलावा भी कई राज्य हैं जहां भारी और बहुत भारी बारिश होगी।
मोदी सरकार के लिए सबसे खास होगा ये मानसून सत्र, अहम बिल पारित करवाने के लिए बनाई रणनीति
इन राज्यों को मिला रेड अलर्ट
मौसम विभाग ने अगले 24 से 36 घंटों के लिए कर्नाटक, तमिलनाडु औऱ मध्यप्रदेश के कई इलाकों में रेड अलर्ट की चेतावनी जारी है। मौसम विभाग की माने तो इन इलाकों में मानसून अपना रोद्र रूप भी दिखा सकता है। इसलिए सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से यहां पहले ही अलर्ट जारी कर दिए हैं।
मध्यप्रदेश के इन शहरों पर खास नजर
विभाग ने कहा था कि अगले 24 घंटों के दौरान एमपी के रतलाम, सागर, सिवनी, उज्जैन, बालाघाट, बेतूल, भोपाल, दामोह, होशंगाबाद, इंदौर, जबलपुर, खंडावा, खरगोन, मंडला, रायसेन, उमरिया और विदिशा में भारी बारिश हो सकती है।
मुंबई की रुकी रफ्तार
मुंबई में बुधवार सुबह से हल्की बारिश हो रही है, लेकिन निचले इलाक़ों में काफ़ी पानी भरा हुआ है, जिससे लोगों को काफ़ी परेशानी हो रही है. घरों से निकलना मुश्किल हो गया. दफ़्तर जानेवालों को दिक़्क़तें आ रही हैं। आज भी भारी बारिश के आसार हैं। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों में मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मुख्यमंत्री फडणवीस ने सभी से घरों के अंदर रहने की अपील की है।
यहां भी होगी भारी बारिश
देश के जिन इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है उनमें हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू कश्मीर, पंजाब और हरियाणा के कुछ इलाके शामिल हैं। बारिश के कारण उत्तराखंड भी इन दिनों परेशान है। वैसे पिछले दो दिनों में हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पूर्वी राजस्थान और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश हुई है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली है।
अधिकमास की वजह से कई जगह लेट हुआ मानसून
ज्योतिषों की मानें तो इस बार देश के इलाकों में मानसून के लेट होने की वजह अधिकमास भी रहा। तीन साल में आने वाले इस अधिकमास की वजह से कई इलाकों में मानसून 20 दिन तक आगे बढ़ गया। आपको बता दें कि मानसून के फिर से सक्रिय होने का सबसे बड़ा फायदा खरीफ की 20 लाख हेक्टेयर में खड़ी फसलों को लाभ होगा। जबकि 10 लाख हेक्टेयर में खरीफ की बिजाई तेजी से हो सकेगी।