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देश की पहली महिला IAS अधिकारी अन्ना राजम मल्होत्रा का निधन, मुंबई में होगा अंतिम संस्कार

सोमवार को भारत की पहली महिला IAS अधिकारी अन्‍ना राजम मल्‍होत्रा का मुंबई के अंधेरी स्थित उनके आवास पर निधन हो गया।
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Updated: 18 Sep 2018, 8:44 PM IST
देश की पहली महिला IAS अन्ना राजम मल्होत्रा का निधन, मुंबई में होगा अंतिम संस्कार
देश की पहली महिला IAS अन्ना राजम मल्होत्रा का निधन, मुंबई में होगा अंतिम संस्कार

नई दिल्ली। आजाद भारत की पहली महिला IAS अधिकारी अन्‍ना राजम मल्‍होत्रा अब हमारे बीच नहीं रहीं। सोमवार को मुंबई के अंधेरी स्थित उनके आवास पर निधन हो गया। अन्ना राजम मल्होत्रा ने देश के कई महत्वपूर्ण पदों पर जिम्मेदारी निभाई और देश की प्रगति में अपना योगदान दिया। बता दें कि मिली जानकारी के मुताबिक वह 91 वर्ष की थीं। मल्होत्रा का अंतिम संस्कार मुंबई में किया जाएगा।

जीवन परिचय

आपको बता दें कि अन्‍ना राजम मल्होत्रा का जन्म जुलाई 1927 में केरल के एर्नाकुलम जिले में हुआ था। उनकी प्रारंभिक शिक्षा कोझिकोड में हुआ जिसके बाद मद्रास विश्‍वविद्यालय में उच्‍च शिक्षा के लिए वह चेन्‍नर्इ में शिफ्ट हो गईं। अन्ना राजम मल्‍होत्रा ने 1951 में देश की पहली महिला के तौर पर सिविल सर्विसेज को ज्‍वाइन की और मद्रास कैडर का विकल्‍प चुना। उन्‍होंने तत्‍कालीन मुख्‍यमंत्री सी राजगोपालाचारी के नेतृत्‍व में मद्रास राज्‍य की सेवा की। फिर कुछ समय बाद परिवारिक जीवन शुरू करते हुए आरएन मल्‍होत्रा से शादी की जो 1985 से 1990 तक भारत के रिजर्व बैंक के गर्वनर रहे।

कई अहम पदों पर देश की सेवा की

आपको बता दें कि अन्ना राजम ने कई विभागों के महत्वपूर्ण पदों पर रहते हुए देश की सेवा की। मुंबई के पास देश के आधुनिक बंदरगाह जवाहरलाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट (जेएनपीटी) की स्थापना में उनका प्रमुख योगदान रहा। जेएनपीटी के कार्यान्‍वयन के दौरान वह इसकी अध्यक्ष थीं। केंद्र सरकार में प्रतिनियुक्ति के दौरान उन्‍हें जेएनपीटी का प्रभार मिला। इसके अलावे जब 1982 में दिल्ली में एशियन खेलों का आयोजन हुआ तो तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी के साथ मिलकर उन्होंने बड़ी जिम्मेदारी निभाई। साथ ही केंद्रीय सेवा में नियुक्ति के दौरान केंद्रीय गृह मंत्रालय में सेवा की थी। जब वह रिटायर हो गईं तो बाद में होटल लीला वेंचर लिमिटेड के डायरेक्टर पद पर काम किया। अन्ना राजम की इन्हीं खुबियों, कार्यप्रणाली और दुरदर्शिता को देखते हुए 1989 में उन्‍हें पदम भूषण अवार्ड से सम्‍मानित किया गया।

Updated on:
18 Sep 2018, 8:44 PM IST
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