Xmas से पहले पूर्वोत्तर राज्य Assam में नया विवाद खड़ा हो गया है बजरंग दल ने हिंदुओं को चर्च जाने पर गंभीर परिणाम भुगतने की दी चेतावनी चर्च से पहले मंदिर खोले जाने की मांग
नई दिल्ली। क्रिसम ( Xmas ) से पहले देश के पूर्वोत्तर राज्य असम में एक नए विवाद ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं। ईसाइयों के सबसे बड़ा त्योहार क्रिसमस पर बजरंग दल ने हिंदुओं से चर्च न जाने की बात कही है। यही नहीं बजरंग दल ने चर्च जाने पर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी भी दे डाली है।
बजरंग दल की यह तीखी चेतावनी शिलांग में खासी स्टूडेंट यूनियन की ओर से विवेकानंद कल्चरल सेंटर की कथित तौर पर तालाबंदी की घटना के बाद आई है। बजरंग दल ने कहा है कि उनकी इस चेतावनी पर मीडिया उन्हें गुंडा करार देगा,लेकिन उन्हें इससे फर्क नहीं पड़ता।
क्रसमस पर चर्च जाने वाले हिंदुओं को यह चेतावनी कचार जिले के बजरंग दल महासचिव मिठू नाथ ने दी है। उन्होंने इसे शिलांग में रामकृष्ण मिशन के विवेकानंद कल्चरल सेंटर में खासी छात्रों की कथित तालाबंदी का परिणाम बताया।
चर्च से पहले खोले जाएं मंदिर
नाथ ने विवेकानंद केंद्र के गेट पर तालेबंदी का जिक्र करते हुए कहा, पहले मंदिर खोलिए, फिर हम चर्च चलाने की अनुमति देंगे। अगर आप मंदिर को बंद करते हैं, तो हम चर्च को खोलने की अनुमति नहीं देंगे।
उकसाने वाले भाषण की जांच शुरू
बजरंग दल की ओर से आए उकसाने वाले भाषण के बाद असम पुलिस हरकत में आई और भाषण के साथ मामले की जांच की जा रही है। पुलिस के मुताबिक अब तक इस मामले में कोई शिकायत दर्ज नहीं की गई है, लेकिन पुलिस सावधानीपूर्वक मामले की जांच कर रही है।
इसलिए बढ़ गई चिंता
आपको बता दें कि पूर्वोत्तर के 3 राज्यों मेघालय, नागालैंड मिजोरम में अधिकांश लोग ईसाई हैं। वहीं अन्य पूर्वोत्तर राज्यों असम, त्रिपुरा, मणिपुर अरुणाचल प्रदेश में बहुसंख्यक लोग या तो हिंदू, मुस्लिम या बौद्ध हैं। ऐसे में बदरंग दल की ओर से क्रिसमस से पहले आई इस तरह की चेतावनी ने तूल पकड़ लिया है। मिठू नाथ के बयान से विभिन्न तबकों में दहशत का माहौल है।