
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ता जा रहा है और सरकार इस बाबत रोकने के लिए किसी तरह का कोई कदम उठाने पर जोर नहीं दे रही है। दूसरी तरफ राजधानी में कंस्ट्रक्शन का काम जोरों पर है। बता दें कि राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने मंगलवार को दिल्ली सरकार पर 50 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया है। यह जुर्माना आवासीय क्षेत्रों में लगी स्टील पिकलिंग यूनिट्स के खिलाफ कार्रवाई न करने के चलते सरकार पर लगाया है। एनजीटी ने सरकार को सख्त निर्देश दिए हैं कि इन यूनिट्स को तत्काल प्रभाव से बंद किया जाए।
NGT ने एक याचिका की सुनवाई करते हुए सुनाया यह फैसला
आपको बता दें कि जस्टिस आदर्श कुमार गोयल की अध्यक्षता वाली पीठ ने सरकार की ओर से इन इकाइयों को बंद नहीं करने के चलते करारी फटकार लगाई है। बता दें कि अदालत ने यह आदेश अखिल भारतीय लोकाधिकार संगठन की ओर से दायर की गई याचिका पर सुनवाई करते हुए दी है। सुनवाई करते हुए एनजीटी ने दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) को आवासीय क्षेत्रों में स्टेनलेस स्टील पिकलिंग यूनिट्स के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दियाहै। मालूम हो कि यह यूनिट्स 2021 के दिल्ली मास्टर प्लान (डीएमपी) के अनुसार औद्योगिक गतिविधि की सूची में शामिल है। याचिका में कहा गया है कि वजीरपुर में लगे उद्योग प्रदूषणकारी तत्वों को खुली नालियों में बहा देते हैं। इससे यमुना और पर्यावरण पर काफी नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया है कि दिल्ली सरकार ने इस बाबत किसी भी तरीके से नियंत्रण के लिए कोई कदम नहीं उठाया है।