विविध भारत

पाकिस्तान ने दो बार 15 अगस्त को मनाया स्वतंत्रता दिवस, इसलिए बदली तारीख

Independence Day 2019: जिन्‍ना ने 15 अगस्‍त को ही माना पाकिस्‍तान का जन्‍मदिवस द्विराष्‍ट्र सिद्धांत के आधार पर बना था नया मुल्‍क गुरुवार को है भारत का 73वां स्वतंत्रता दिवस
3 min read
Jinnah

नई दिल्‍ली। हर साल की तरह इस बार भी 15 अगस्‍त को स्वतंत्रता दिवस मनाया जाएगा। 1947 में इसी दिन भारत को ब्रिटिश दासता से आजादी मिली थी। द्विराष्‍ट्र सिद्धांत के आधार पर 14 अगस्‍त, 1947 को भारत से अलग होकर पाकिस्तान नया मुल्‍क बना था।

इसके बावजूद पाकिस्‍तान के लोग 14 अगस्त को जन्‍मदिवस मनाते हैं। लोग सच भी इसी को मानते हैं। जबकि पाकिस्‍तान भारत की तरह 15 अगस्‍त को आजाद हुआ था।

इससे साफ है कि हमेशा कुर्बानी बड़ी, याद छोटी होती है। ऐसा इसलिए कि हम यह जानने की भी कोशिश नहीं करते कि आखिर पाकिस्‍तान 14 अगस्‍त को अपना जन्‍मदिवस क्‍यों मनाता है। जबकि भारत और पाकिस्‍तान का जन्‍मदिन एक ही है।

जिन्ना ने 15 अगस्‍त को ही माना था पाकिस्‍तान का जन्‍मदिवस

भारत से अलग होकर जब पाकिस्तान का निर्माण हुआ तो पाकिस्तान के संस्थापक माने जाने वाले मोहम्मद अली जिन्ना ने अपने पहले भाषण में 15 अगस्त को ही पाकिस्तान का जन्म दिवस बताया था।

जिन्ना ने अपने भाषण में कहा था कि 15 अगस्त संप्रभु और आजाद मुल्क पाकिस्तान का जन्मदिवस है। ये दिन मुस्लिम मुल्क की नियति के तामीर का दिन है जिसके लिए पिछले कुछ सालों में कई बड़ी कुर्बानियां दी गई।

क्‍यों बदल गया पाकिस्‍तान का जन्‍मदिन

पाकिस्तान के जन्म के एक साल पूरे होने से पहले ही कायद-ए-आजम मोहम्मद अली जिन्ना का निधन हो गया। आजादी मिलने के एक साल बाद 1948 में पाकिस्तान ने 14 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस मनाना शुरू कर दिया।

लेकिन अहम सवाल यह है कि पाकिस्तान 14 अगस्त को अपना स्वतंत्रता दिवस क्यों मनाने लगा। इसके बारे में कोई आधिकारिक वजह नहीं अभी तक पाक के हुक्‍मरानों ने नहीं बताई।

14 अगस्‍त को पवित्र मानते हैं मुसलमान

माना जाता है कि पाकिस्तान द्वारा 14 अगस्त, 947 को आजादी दिवस मनाने की दो वजहें हो सकती हैं। पहला 14 अगस्त, 1947 को कराची में सत्ता-हस्तांतरण का कार्यक्रम आयोजित हुआ था। दूसरा 14 अगस्त, 1947 को रमजान का 27वां दिन था जिसे मुसलमान काफी पवित्र मानते हैं।

लेकिन आधिकारिक तौर पर आधुनिक भारत और पाकिस्तान एक ही दिन एक ही देश के दो टुकड़ों के बाद अस्तित्‍व में आए।

90 साल तक रहा महरानी का राज

बता दें कि भारत पर करीब 200 सालों तक अंग्रेजों की हुकूमत रही। पहले करीब 100 साल तक ईस्ट इंडिया कंपनी की हुकूमत रही। 1857 के बाद करीब 90 साल ब्रिटिश साम्राज्य ( हिज मैजिस्‍टी ) का सिक्का भारत पर चला।

बता दें कि भारत और पाकिस्तान धर्म के नाम पर एक ही सरजमीं से अलग हुए दो मुल्क हैं। आज दोनों ही देश एक दूसरे के दुश्मन माने जाते हैं। अनुच्‍छेद 370 को कमजोर करने के बाद से दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर है। लेकिन यह एक संयोग ही है कि दोनों 72 साल पहले तक एक ही मुल्‍क थे और आज एक-दूसरे के दुश्‍मन हैं। बावजूद दोनों देशों का स्‍वतंत्र अस्तित्‍व में आने का समय एक ही है।

महंगी साबित हुई आजादी की कीमत

15 अगस्त, 1947 को ब्रिटेन की गुलामी से भारत को आजादी मिली। आजादी हिन्‍दुस्‍तान के लिए काफी महंगी साबित हुई। एक ही मुल्क हिन्दुस्तान के दो टुकड़े हुए। दुनिया के नक्शे पर एक नए देश पाकिस्तान का जन्म हुआ। वही पाकिस्‍तान आज हमारा सबसे बड़ा दुश्‍मन भी है।

इसके बावजूद भारत हर साल 15 अगस्त को ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन से आजादी की वर्षगांठ मनाता है। लेकिन हमारा पड़ोसी मुल्क 14 अगस्त को आजादी दिवस मनाता है।जबकि आधिकारिक तौर पर सच यही है कि भारत की तरह पाकिस्तान को भी 15 अगस्त, 1947 को ही आजादी मिली थी।

ब्रिटिश संसद में इंडिया इंडिपेंडेंस बिल के तहत हिंदुस्तान और पाकिस्तान को एक साथ दो अलग-अलग मुल्कों में बांटने की ताकीद के साथ दोनों देशों को आजादी मिली थी।

इंडिया इंडिपेंडेंस बिल के अनुसार दोनों देशों को एक ही दिन 15 अगस्त को ब्रिटिश साम्राज्य से अलग संप्रभु राष्ट्र के रूप में मान्यता दी गई।

Updated on:
15 Aug 2019 09:28 am
Published on:
14 Aug 2019 05:44 pm
Also Read
View All
Bear Attack in Surguja: जंगल में खुखड़ी लेने गए ग्रामीण को भालू ने नोंच डाला, रायपुर ले जाते समय मौत, दूसरा घायल

Girl Commits Suicide: सीजीपीएसी की तैयारी करने अंबिकापुर आई युवती ने किया सुसाइड, दूसरी छात्रा ने मकान मालिक को बताया

Surguja Hostel News: हॉस्टल की छात्राओं से रात में मसाज कराने वाली गार्ड की हुई छुट्टी, धुलवाती थी वर्दी, देती थी धमकी

Surajpur School News: स्कूल के गेट पर ताला जडक़र छात्रों ने किया प्रदर्शन, बोले- महिला कर्मी और छात्राओं से अभद्रता करते हैं प्राचार्य

Ambikapur निगम की सामान्य सभा में महापौर मंजूषा भगत के वायरल ऑडियो पर मचा घमासान, विपक्ष ने किया बहिष्कार