मराठा आरक्षण आंदोलन पर सीेम देवेंद्र फडणवीस पर उन्हीं की कैबिनेट मंत्री का बड़ा बयान बड़ा सकता है उनकी मुसीबत।
मुंबई। महाराष्ट्र उपजी मराठा आरक्षण आंदोलन की आग उस वक्त और भड़क गई जब इस आंदोलन को लेकर भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने ही सीएम देवेंद्र फडणवीस पर बयानबाजी शुरू कर दी। दरअसल महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर मराठा आरक्षण के मुद्दे को लेकर निशाना साधते हुए उनकी कैबिनेट सहयोगी पंकजा मुंडे ने कहा कि यदि वह प्रभारी होती तो वह निर्णय लेने में देरी नहीं करतीं। पंकजा ये बयान ऐसे समय आया है जब आंदोलन ने रफ्तार पकड़ रखी और दूसरी तरफ शिवसेना लगातार प्रदेश में कानून व्यवस्थाओं और अन्य परेशानियों को लेकर मुख्यमंत्री पर जमकर बरस रही है। ऐसे में ये बयान पार्टी और सीएम दोनों के लिए परेशानी खड़ी कर सकता है।
पंकजा मुंडे ने बीड जिले के पारली में मराठा प्रदर्शनकारियों से कहा , मराठा आरक्षण की फाइल अगर मेरी मेज पर होती तो मैं उसे एक पल के लिए भी लटकाकर नहीं रखती। हालांकि बाद में उन्होंने अपनी बात को थोड़ा घुमा दिया। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर इसलिए देरी हो रही है क्योंकि यह उच्च न्यायालय में लंबित है। भाजपा नेता और ग्रामीण विकास मंत्री मुंडे ने प्रदर्शनकारियों से कहा कि वह उन्हें सुनने के लिए आयी हैं और वह उन्हें कोई समझौता करने के लिए नहीं कहेंगी।
मुंडे का ये बयान इसलिए भी बहुत मायने रखता है कि क्योंकि एक दिन पहले ही शिवसेना सांसद संजय राउत ने ये दावा किया था कि महाराष्ट्र भाजपा में सब ठीक नहीं चल रहा है। पार्टी के अंदर ही फडणवीस को हटाए जाने की मांग तेजी से बढ़ती जा रही है। उन्होंने दावा किया था कि जल्द ही सीएम की छुट्टी हो सकती है। हालांकि भाजपा ने ऐसी किसी भी तरह की बात से साफ इनकार कर दिया।
उधर...इस मसले पर जब कांग्रेस नेता अशोक चव्हाण से पूछा गया तो उन्होंने कहा कांग्रेस भाजपा के अंदरुनी मसलों को लेकर चिंतित नहीं है, बल्कि प्रदेश में बिगड़ती जा रही कानून व्यवस्था को लेकर पार्टी सबसे ज्यादा परेशान है।