
नई दिल्ली। अपने पहले कार्यकाल के स्वच्छ भारत मिशन की तर्ज पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अब ग्रामीण भारत के हर घर तक पाइपलाइन से पानी पहुंचाने की योजना पर काम करेंगे। फिलहाल मोदी सरकार ने 2024 तक देश के हर घर तक पानी पहुंचाने लक्ष्य निधारित किया है।
जल संसाधन मंत्रालय को जल शक्ति मंत्रालय में बदलकर पीएम मोदी पहले ही इस बात का संकेत दे चुके हैं। केंद्र सरकार के इस रुख से साफ है कि मोदी सरकार 2.0 में सभी को जल मुहैया कराना सरकार की प्राथमिकता में शामिल होगा।
आसान नहीं हर घर तक पानी पहुंचाना
2014 से 2019 के दौरान सौभाग्य योजना के तहत मोदी सरकार ने देश के हर घर में बिजली पहुंचाने के अपने लक्ष्य को तकरीबन हासिल कर लिया है।
हालांकि 2024 तक हर घर तक स्वच्छ पानी पहुंचाने का अभियान आसान नहीं है। बताया जा रहा है कि मोदी सरकार स्वच्छ भारत मिशन के अनुभवों के आधार पर इस लक्ष्य हो हासिल करने का प्रयास करेगी।
एकीकृत प्रबंधन पर जोर
नीति आयोग की शनिवार को हुई बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपना एजेंडा पेश करते हुए कहा था कि हमारा लक्ष्य जल से जुड़े मुद्दों को हल करना है।
यह काम जल शक्ति मंत्रालय की ओर से किया जाएगा। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए एकीकृत प्रबंधन की नीति पर जोर देने की योजना है।
विभागीय आंकड़ों में मुताबिक गांवों में पाइपलाइन के जरिए पानी पहुंचाने की वृद्धि दर 2013-14 में 12 फीसदी थी। 2017-18 में इस स्कीम में 17 फीसदी का इजाफा हुआ था।
वर्ष 2024 तक 100 फीसदी घरों में पानी पहुंचाने के लक्ष्य स्वच्छ भारत मिशन की तर्ज पर हासिल किया जाएगा।
जलदूतों की नियुक्ति
मोदी सरकार ने हर घर तक जल पहुंचाने के अलावा उसके संरक्षण और सदुपयोग के लिए भी लोगों को जागरूक करने का फैसला लिया है।
जल संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए सरकार जलदूतों की नियुक्ति की योजना बना रही है। बता दें कि केंद्र सरकार ने स्वच्छता मिशन के तहत स्वच्छदूतों या स्वच्छाग्रहियों का चयन किया था।