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राजीव गांधी की जयंती पर पीएम मोदी ने दी श्रद्धांजलि, सोनिया, राहुल और प्रियंका ने भी किया पुष्प अर्पित

21 मई, 1991 को चुनाव के प्रचार के दौरान श्रीपेरंबुदुर में एलटीटीई के एक आत्मघाती हमलावर ने राजीव गांधी की हत्या कर दी थी।
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राजीव गांधी की जयंती पर पीएम मोदी ने ट्वीट कर दी श्रद्धांजलि, सोनिया, राहुल और प्रियंका पहुंचे वीरभूमि

नई दिल्‍ली। आज राजीव गांधी की जयंती पर पीएम नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर श्रद्धांजलि दी। उन्‍होंने राजीव गांधी द्वारा देश की सेवा को लेकर किए गए महत्‍वपूर्ण योगदान को भी याद किया। दूसरी तरफ कांग्रेस पार्टी के अध्‍यक्ष राहुल गांधी, यूपीए अध्‍यक्ष सोनिया गांधी, प्रियंका गांधी सहित अन्‍य कांग्रेस के नेताओं ने राजघाट स्थित वीरभूमि पहुंचकर उन्‍हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

राजीव कंप्‍यूटर क्रांति का श्रेय
पीएम मोदी ने अपने ट्वीट में राजीव गांधी के योगदान को भी याद किया। उन्‍हें भारत में कंप्यूटर क्रांति लाने का श्रेय जाता है। पूर्व पीएम ने कंप्यूटर को भारतीय घर तक लाने का काम किया और भारत में इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी को आगे ले जाने में अहम रोल निभाया। बता दें कि राजीव गांधी का जन्म आज ही के दिन 1944 में हुआ था। राजीव गांधी 1984 से 1989 तक देश के पीएम रहे। तमिलनाडु के श्रीपेरंबुदुर में 21 मई, 1991 को आम चुनाव के प्रचार के दौरान एलटीटीई के एक आत्मघाती हमलावर ने राजीव गांधी की हत्या कर दी थी।
1984 में बने थे पीएम
इंदिरा गांधी की हत्या के बाद राजीव गांधी पीएम बने थे। राजीव गांधी की राजनीति में कोई रूचि नहीं थी और वो एक एयरलाइन पायलट की नौकरी करते थे और उसी में खुश थे। लेकिन आपातकाल के उपरान्त जब इंदिरा गांधी को सत्ता छोड़नी पड़ी और 1980 में छोटे भाई संजय गांधी की हवाई जहाज दुर्घटना में मृत्यु हो जाने के बाद अपनी मां इंदिरा का सहयोग देने के लिए वो राजनीति में उतरे थे।

बोफोर्स घोटाले में आया था उनका नाम
राजीव गांधी के पीएम पद पर रहते हुए 1987 में बोफोर्स घोटाले का पर्दाफाश हुआ था। स्वीडन की हथियार कंपनी बोफोर्स ने भारतीय सेना को तोपें सप्लाई करने का सौदा हथियाने के लिए 80 लाख डालर की दलाली चुकाई थी। इस घोटाले में राजीव गांधी का नाम भी घसीटा गया था। इसका परिणाम यह निकला कि वो 1989 के चुनाव हार गए। इस मामले में दिल्‍ली हाईकोर्ट ने 2005 में इसकी फाइल बंद कर दी थी। सीबीआई हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील करना चाहती थी लेकिन 2004 से 2014 तक केंद्र में कांग्रेस सरकार होने के कारण सीबीआई को अपील की अनुमति नहीं मिली। लेकिन 2017 में सीबीआई की अपील पर सुप्रीम कोर्ट ने बोफोर्स तोप सौदे को दोबारा सुनने को तैयार हो गई है। मुख्य न्यायाधीन दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली बेंच अब बोफोर्स मामले की याचिका पर 30 अक्टूबर को सुनवाई करेगी।

Updated on:
20 Aug 2018 02:40 pm
Published on:
20 Aug 2018 12:26 pm
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