
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कहा कि घायल नौसेना कमांडर अभिलाष टॉमी का साहस, बहादुरी और लड़ने का उनका संकल्प युवा पीढ़ी को प्रेरित करेगा। अपने मासिक कार्यक्रम 'मन की बात' के 48वें संस्करण में मोदी ने कहा कि गोल्डन ग्लोब रेस में भागीदारी के दौरान टॉमी की नौका एक बड़े तूफान में फंस गई थी, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और मौत से लड़ाई जारी रखी।
नौका दौड़ के दौरान फंस गए थे टॉमी
मोदी ने टॉमी को एक बहादुर और साहसी सैनिक करार दिया, जिन्होंने कई दिनों तक बीच सागर में संघर्ष किया और बिना भोजन-पानी के तैरते हुए संघर्ष करते रहे। भारतीय नौसेना के कमांडर अभिलाष टॉमी गंभीर रूप से घायल हो गए थे और एक नौका दौड़ के दौरान फंस गए थे। लेकिन उन्हें फ्रांस के एक मछली पकड़ने वाले जहाज ओसीरिस ने 24 सितंबर को सुरक्षित बचा लिया। उन्हें ढूंढने के लिए भारतीय और ऑस्ट्रेलियाई अधिकारियों ने तीन दिन तक एक विशाल संयुक्त अभियान चलाया था।
उनका दृढ़ संकल्प युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा है- पीएम
मोदी ने कहा, 'साहस, शक्ति, निर्भीकता और बहादुरी का एक दुर्लभ उदाहरण। कुछ दिन पहले मैंने फोन पर अभिलाष से बात की, उन्हें बचाकर सकुशल समुद्र से जमीन पर लाया गया। मैंने हाल ही में उनसे मुलाकात भी की। ऐसी कठिन स्थिति का सामना करने के बावजूद उनका आचरण और उनकी भावना, एक और समान प्रयास करने का उनका दृढ़ संकल्प हमारी युवा पीढ़ी के लिए एक प्रेरणा है।।
टॉमी पहले भारतीय हैं जिन्होंने छोटी नौका से दुनिया घूम ली'
उन्होंने कहा, 'मैं टॉमी के अच्छे स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना करता हूं और आश्वस्त हूं कि उनका साहस, बहादुरी, लड़ने का संकल्प और एक विजेता के रूप में उभरना हमारी युवा पीढ़ी को प्रेरित करेगा।' मोदी ने कहा कि टॉमी पहले भारतीय हैं, जिन्होंने बिना कोई आधुनिक प्रौद्योगिकी के एक छोटी नौका में वैश्विक सफर तय किया है।