
प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना में लापरवाही, तीन साल से योजना का नहीं मिल रहा लाभ
महोबा. उत्तर प्रदेश में प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के चलते मजाक बन कर रह गयी है। गर्भवती महिलाओं को प्रोत्साहन के रूप में मिलने वाली धनराशि महज कागजों में सिमट कर रह गयी है। बच्चा-बच्चा को टीकाकरण कर सुरक्षित करने के तमाम वादे बेमान साबित हो रहे हैं। तीन वर्षों से ताले में बंद मातृत्व शिशु कल्याण उपकेन्द्र में गंदगी का अंबार लगा हुआ है, तो वहीं गर्भवती महिलाओं के नवजात बच्चों को टीकाकरण कर सुरक्षित करने के दावे खोखले साबित हो रहे हैं। ताजा मामला पनवाड़ी विकास खण्ड के मातृत्व शिशु कल्याण उपकेंद्र काशीपुरा का है। जहां बीते तीन वर्षों से एएनएम की तैनाती न होने से गर्भवती महिलाओं को इस केंद्र का लाभ नहीं मिल पा रहा और जच्चा बच्चा की ज़िन्दगी भी खतरे में हो जाती है।
प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना का उद्देश्य गर्भवती महिलाओं में स्वास्थ्य में सुधार कर स्वस्थ्य बच्चे का सुरक्षित प्रसव कराना है। मगर पनवाड़ी के काशीपुरा में तीन वर्षों से एएनएम की लापरवाही के चलते किसी भी गर्भवती महिला को योजना का लाभ नहीं प्राप्त हो सका है। जिसके चलते काम करने वाली महिलाओं को सरकार की मुआवजा राशि नहीं मिल पा रही है। हालात यह है कि इस केंद से जुड़ी सैकड़ों गर्भवती महिलाएं सीएचसी पनवाड़ी या जिला महिला अस्पताल में जाने को मजबूर हैं। महोबा जिले के पनवाड़ी विकाखण्ड अंतर्गत काशीपुरा मातृत्व एवं शिशु कल्याण केंद्र में शासन द्वारा एएनएम की 2 वर्षों से कोई तैनाती नहीं हुई है। मामले को लेकर शासन को अवगत कराया गया है। साथ ही गंदगी को लेकर सफाई कराने के निर्देश जारी किए गए है, जिससे सभी ग्रामीणों को सरकार की बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का समय से समुचित लाभ मिल सके।
बहरहाल सरकार के दावों की जमीनी हक़ीक़त यह है कि पिछड़े महोबा से प्रशासन नुमाइंदें किस कदर पक्षपात कर रहे है। ग्रामीण अंचलो में बेहतर स्वस्थ्य सेवाओं को ये केंद्र मुंह चिढ़ा रहा है और विभाग इस पर सिर्फ सफाई देकर अपना बचाव करने में लगा है।
Published on:
30 Sept 2018 07:44 pm
