
नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव हारने के बाद कांग्रेस के राजकुमार राहुल गांधी ( Rahul Gandhi ) ने जहां कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था, वहीं पर उनके चाहने वाले कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने फिर से उन्हें पार्टी अध्यक्ष बनाने की मांग की है। गुरुवार को कांग्रेस ( Congress ) की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ( Congress President Sonia Gandhi ) द्वारा आयोजित एक वर्चुअल मीटिंग ( Video Conferencing ) में वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं ने मांग की कि राहुल गांधी को फिर से पार्टी का नेतृत्व करना चाहिए।
सूत्रों की मानें तो कांग्रेस की इस विशेष बैठक में वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ( Digvijay Singh ) ने कहा कि राहुल गांधी को फिर से पार्टी का नेतृत्व करना चाहिए। हालांकि यह बैठक कांग्रेस के अध्यक्ष के चुनाव के लिए आयोजित नहीं की गई थी, बल्कि इस बैठक को वर्तमान राजनीतिक स्थिति और देश में कोरोना वायरस जैसी महामारी के प्रभाव पर चर्चा करने के लिए बुलाया गया था।
दिग्विजय सिंह ने बैठक में कहा, "राहुल को एक अध्यक्ष के रूप में पार्टी का नेतृत्व करना चाहिए क्योंकि हमनें उन्हें वर्तमान सरकार के खिलाफ विभिन्न मुद्दों पर एक स्टैंड लेते हुए देखा है।" दिग्विजय के अलावा राजीव सातव, शक्ति सिंह गोहिल, नीरज डांगी और कई अन्य सांसदों ने भी इसका समर्थन किया।
राज्यसभा सांसद और एआईसीसी महासचिव और संगठन प्रभारी केसी वेणुगोपाल ने राहुल की प्रशंसा के पुल बांध दिए। वेणुगोपाल ने कहा कि इस महामारी के समय में राहुल ने सही तरीके से मोर्चा संभाल रखा है।
वेणुगोपाल ने कहा, "सोनिया गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी ने लोगों की चिंता और आवाज को जोरदार तरीके से उठाया है। इससे पहले 11 जुलाई को भी लोकसभा सांसदों मणिकम टैगोर, गौरव गोगोई और अन्य ने पार्टी अध्यक्ष के रूप में राहुल की वापसी की मांग उठाई थी। राहुल की अध्यक्षता की मांग उनकी मौजूदगी में ही की गई थी लेकिन उन्होंने इस मुद्दे पर चुप्पी साध रखी थी।"
राहुल की इस चुप्पी को उनकी हां समझा जाएं या फिर ना। क्या वाकई में राहुल भी खुद एक बार फिर से पार्टी का नेतृत्व अध्यक्ष के रूप में करना चाहते है। पार्टी का नेतृत्व करने के लिए राहुल की बढ़ती मांग को कांग्रेस के विकास के साथ जोड़ा जा रहा है क्योंकि सोनिया गांधी का कार्यकाल 10 अगस्त को पूरा होगा और कांग्रेस कार्य समिति ( CWC meeting ) द्वारा यह तय किया जाना चाहिए कि क्या उनका कार्यकाल बढ़ाया जाना चाहिए या फिर पार्टी अध्यक्ष के रूप में किस दूसरे नेता का चुनाव किया जाना चाहिए।