सैनिकों का शहीद होना देशवासियों के लिए परेशान करने वाली बात। रक्षामंत्री ने कहा कि भारत अपनी रीजनल इंटेग्रिटी से कोई समझौता नहीं करेगा। भारत-चीन सीमा पर हालात से निपटने के लिए सेना को फ्री हैंड दिया।
नई दिल्ली। भारत-चीन ( India-China ) के सैनिकों के बीच गलवान घाटी ( Galwan Valley ) में हुई हिंसक झड़प के बाद आगे की रणनीति को लेकर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ( Defence Minister Rajnath Singh ) की सीडीएस, तीनों सेनाओं के प्रमुखों और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मंत्रणा की। वहीं बैठक के बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ट्वीट कर कहा है कि गलवान घाटी में भारतीय जवानों का जान गंवाना बेहद दर्दनाक है। यह देशवासियों के लिए परेशान करने वाली बात है। राष्ट्र हमारे वीर सैनिकों के इस बलिदान को कभी नहीं भूलेगा।
करीब एक घंटे तक चली बैठक में LAC पर मौजूदा हालात और अपनी तैयारियों पर चर्चा हुई। सूत्रों के मुताबिक रक्षामंत्री ने कहा कि भारत अपनी रीजनल इंटेग्रिटी से कोई समझौता नहीं करेगा।
इससे पहले मंगलवार दोपहर से लेकर देर रात तक हिंसक झड़प को लेकर पीएम नरेंद्र मोदी ( PM Modi ) ने कई मंत्रियों व सैन्य अधिकारियों व विशेषज्ञों से कई दौर की बातचीत की। बातचीत के बाद भारत-चीन सीमा ( India-China Border ) पर हालात से निपटने के लिए फ्री हैंड ( Free Hand ) दे दिया है।
बता दें कि चीन से भारत को 45 साल बाद एक बार फिर धोखा मिला है। सोमवार देर रात लद्दाख के गलवान घाटी में वास्तविक नियंत्रण रेखा ( LAC ) पर बातचीत करने गई भारत की सेना पर चीनी सैनिकों की हिंसक झड़प हो गई। पत्थरों, लाठियों और धारदार चीजों से हमला किया गया। इस हमले में भारत के कमांडिंग ऑफिसर समेत 20 सैनिक शहीद हो गए। जबकि 4 जवानों की हालत नाजुक बनी हुई है।
लद्दाख इलाके के पेंगॉन्ग सो में हिंसक झड़प के बाद 5 मई से ही भारत और चीन की सेना के बीच गतिरोध चल रहा है। 1962 के बाद ये पहला मौका है जब सैनिकों की जान गई है।
अमरीका खुफिया एजेंसी का दावा
दूसरी तरफ चीन के 43 सैनिकों के भी हताहत होने की खबर आई है। लेकिन चीन ने इसपर फिलहाल चुप्पी साध रखी है। हालांकि अमरीका की खुफिया एजेंसी ( USA Intelligence Agency ) ने भी भारतीय दावे की पुष्टि करते कहा है कि गलवान घाटी में हुई भारत-चीन के बीच हिंसक झड़प में 35 से अधिक चीनी सैनिक मारे गए हैं।