महाराष्ट्र के सियासी संग्राम पर आरएसएस का बयान बीजेपी-शिवसेना दोनों को भागवत ने दी नसीहत लड़ाई और लालच से दोनों को होगा नुकसान
नई दिल्ली। महाराष्ट्र में बीजेपी और शिवसेना के बीच चल रहे सियासी संग्राम में अब राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ भी शामिल हो गया है। आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने तीन सप्ताह बाद इस पूरे घटनाक्रम पर अपनी चुप्पी तोड़ी है। भागवत ने इशारों-इशारों में दोनों दलों को समझाने की कोशिश की।
भागवत ने कहा- हर कोई जानता है कि प्रकृति को नष्ट करने से हम नष्ट हो जाएंगे। लेकिन प्रकृति को नष्ट करने का काम नहीं थम रहा। सब जानते हैं कि झगड़ा करने से दोनों की हानि होती है लेकिन आपस में झगड़ा करने की बात अभी तक बंद नहीं हुई।
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आपसी समझौता जरूरी
नागपुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मोहन भागवत के तेवर काफी तल्ख थे। उन्होंने बीजेपी और शिवसेना दोनों को आपसी समझौते के लिए इशारों-इशारों में समझा दिया।
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स्वार्थ बुरी बात है
इतना ही नहीं भागवत ने एक और उदाहरण दिया, हालांकि ये शिवसेना के लिए था या बीजेपी इसका जवाब वो भी अच्छे दे सकते है। भागवत ने कहा कि सब जानते हैं स्वार्थ (लालच) बुरी बात है, लेकिन स्वार्थ को बहुत कम लोग छोड़ते हैं। इसके लिए देश का उदाहरण लीजिए या फिर व्यक्तियों का।