विविध भारत

अधिकारों की जंग पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अधिकारियों की मानसिकता बदली है: राजेंद्र पाल

दिल्ली सरकरा में समाज कल्याण मंत्री रहे राजेंद्र पाल गौतम का कहना है कि अधिकारों की जंग पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अधिकारियों की मानसिकता बदली है।

2 min read
Jul 15, 2018
अधिकारों की जंग पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अधिकारियों की मानसिकता बदली है: राजेंद्र पाल

नई दिल्ली। सर्वोच्च न्यायालय द्वारा उप राज्यपाल अनिल बैजल की शक्तियों में कटौती किए जाने के 10 दिन बाद समाज कल्याण मंत्री राजेंद्र पाल गौतम का कहना है कि लोगों में दिल्ली सरकार के प्रति धारणा में बदलाव आया है। बता दें कि दिल्ली सरकार और एलजी के बीच अधिकारों की जंग पर फैसला सुनाया था। अपने फैसले में उन्होंने एलजी के अधिकारों को पुलिस, लोकसेवा तक सीमित कर दिया था।

एलजी के पास अधिकारियों की फाइलें मंजूरी के लिए नहीं जाएगी

अनिल बैजल ने कहा कि आम आदमी पार्टी के विधायक और मंत्री अधिक आश्वस्त महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि चार जुलाई से अधिकारिक फाइलें बैजल के पास मंजूरी के लिए नहीं भेजी जा रही हैं। इसलिए विकास कार्य को गति मिली है। हमें अब केवल उन्हें सूचित करना होता और उनकी मंजूरी का इंतजार नहीं करना होता।

दिल्ली समाज कल्याण मंत्री ने कहा, 'सुप्रीम कोर्ट के आदेश में दिल्ली सरकार की शक्तियों का बहाल कर दिया है। अगर मैं बतौर वकील आदेश को देखता हूं तो मैं कहूंगा कि सेवा (मुख्य रूप से अधिकारियों के तबादले की शक्ति) दिल्ली सरकार के अधीन है। कई अधिकारी भी ऐसा ही मानते हैं। वे जानते हैं कि यह लड़ाई व्यर्थ है।"

अधिकारी हमारी सभी बैठकों में उपस्थित रहते हैं

उन्होंने कहा कि वे अधिकारी, जो पहले बहाने बनाया करते थे, अब हमारी सभी बैठकों में उपस्थित हो रहे हैं और हमारे साथ कार्य कर रहे हैं। वे विभिन्न परियोजनाओं में तेजी से मदद कर रहे हैं। वहीं, आप के प्रमुख प्रवक्ता और विधायक सौरभ भारद्वाज का कहना है कि अधिकारियों के रवैये में बदलाव आया, लेकिन यह केवल एक दिन के लिए ही महसूस किया गया।

Published on:
15 Jul 2018 04:44 pm
Also Read
View All