दरअसल व्हाट्सएप, ट्विवटर और फेसबुक पर यह मैसेज तेजी से वायरल हो रहा है। दावा है कि उत्तराखंड के जंगलों में आग लगी है..आग ने धीरे-धीरे पूरे जंगल को अपनी चपेट में ले लिया है।
नई दिल्ली। देश इस वक्त कोरोना संक्रमण से जूझ रहा है। कोरोना के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। कोरोना मरीजों की संख्या डेढ लाख के पार पहुंच गई है। वहीं दूसरी ओर सोशल मीडिया पर फेक न्यूज की बाढ़ आई हुई है। कोरोना से जुड़े और कोरोना के अलावा कई खबरें सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही है। ताजा मामला जंगलों में आग लगने को लेकर है। सोशल मीडिया पर मैसेज वायरल हो रहा है। मैसेज में दावा किया जा रहा है कि उत्तराखंड के जंगलों में आग बढ़ती जा रही है लेकिन सरकार इस पर ध्यान नहीं दे रही है। इस मैसेज से लोग घबराए हुए हैं।
दावा- उत्तराखंड के जंगलों में आग का तांडव
तथ्य- आग की खबर पूरी तरह से गलत, विदेश की तस्वीरें वायरल
क्या है वायरल मैसेज ?
दरअसल व्हाट्सएप, ट्विवटर और फेसबुक पर यह मैसेज तेजी से वायरल हो रहा है। दावा है कि उत्तराखंड के जंगलों में आग लगी है..आग ने धीरे-धीरे पूरे जंगल को अपनी चपेट में ले लिया है। जंगल तेजी से जल रहा है। लेकिन सरकार इसे रोकने में नाकामयाब है।
क्या है वायरल मैसेज की सच्चाई?
पत्रिका फैक्ट चेक ने जब इसकी पड़ताल की तो पता चला कि यह मैसेज पूरी तरह से फर्जी और भ्रामक है। उत्तराखंड के जंगलों में ऐसी कोई आग नहीं लगी है। फैक्ट चेक टीम ने उत्तराखंड के वन विभाग की वेबसाइट को सर्च किया। साथ ही सरकार की आधिकारिक ट्विटर हैंडल को खंगाला । जिसमें कही पर भी आग लगने की खबर की जानकारी नहीं मिली। कुछ कीवर्ड्स सर्च करने पर आग लगने की पुरानी खबरें जरूर मिली। लेकिन हाल फिलहाल में आग की कोई खबर नहीं मिली। खुलासा हुआ कि सोशल मीडिया पर सक्रिय शरारती तत्वों ने ऐसे मैसेज वायरल को लोगों को गुमराह किया है।
PIB ने मैसेज को गलत करार दिया
वहीं प्रेस इनफॉरमेंस ब्यूरो ने भी इस खबर को गलत बताया। पीआईबी ने कहा कि दिखायी जा रही तस्वीरे पुरानी हैं तथा इनमें से कई दूसरे देशों से संबंधित हैं। कृपया ऐसी भ्रामक खबरों से सावधान रहें।