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तमिलनाडु: सामाजिक संगठन वीसीके ने की करुणानिधि को भारत रत्न देने की मांग

एक राजनेता के रूप में उन्‍होंने छह दशक तक हर क्षेत्र में देश की सेवा की।

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Aug 08, 2018
तमिलनाडु: सामाजिक संगठन वीसीके ने की करुणानिधि को भारत रत्न देने की मांग

नई दिल्‍ली। तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री और डीएमके प्रमुख एम करुणानिधि की मौत के साथ ही दक्षिण की राजनीति का एक अध्‍याय खत्म हो गया है। उनके निधन के बाद से देश भर में शोक की लहर है। देश भर के नेता और अभिनेताओं का राजाजी हॉल पहुंचने का सिलसिला जारी है। इस बीच उनके समर्थकों ने भारत सरकार से करुणानिधि को भारत रत्‍न देने की मांग की है। समर्थकों का कहना है कि जो सम्‍मान रामचंद्रन और देश के अन्‍य बड़े राजनेताओं को मिला वही सम्‍मान उन्‍हें भी मिलना चाहिए।

उनकी लोकप्रियता रामचंद्रन से कम नहीं
इस बीच तमिलनाडु का एक बड़ा संगठन विदुथलाई चिरुथईगल कात्ची (वीसीके) प्रमुख थोल थिरुमावलवन ने तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एम करुणानिधि को भारत रत्न देने की मांग की है। उन्‍होंने कहा कि करुणानिधि दक्षिण भारतीय राजनीति के पुरोधा था। उनकी लोकप्रियता रामचंद्रन और अन्‍य भारतीय राजनेताओं से कम नहीं थी। उन्‍होंने छह दशक तक राजनीति में रहते हुए हर क्षेत्र में देश की सेवा की है। इसके साथ ही कई और संगठनों ने केंद्र सरकार के समक्ष इस तरह की मांगें रखी हैं।

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राज्‍यपाल बनवारी लाल ने जताई संवेदना
इससे पूर्व तमिलनाडु के राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित ने चेन्नई के राजाजी हॉल में पूर्व मुख्यमंत्री और डीएमके चीफ रहे करुणानिधि को श्रद्धांजलि अर्पित की। डीएमके चीफ का निधन तमिलनाडु के लिए बहुत बड़ी क्षति है। उनके परिवार के सदस्यों और डीएमके पार्टी के कार्यकर्ताओं के प्रति मेरी गहरी संवेदना है। प्रदेश के सीएम ई पलानिसामी ने भी करुणानिधि को श्रद्धांजलि अर्पित की।

झुका राष्ट्रध्वज
करुणानिधि के निधन के चलते दिल्ली व सभी राज्यों की राजधानी और पूरे तमिलनाडु में बुधवार को राष्ट्रध्वज झुका रहेगा। कर्नाटक सरकार ने आज छुट्टी घोषित की है, जबकि 7 दिनों का राजकीय शोक मनाया जाएगा। आपको बता दें कि पांच बार तमिलनाडु के मुख्यमंत्री रहे करुणानिधि ने इसी साल तीन जून को अपना 94वां जन्मदिन मनाया था। 26 जुलाई को उन्होंने डीएमके की कमान संभालते हुए 50 वर्ष पूरे किए। दक्षिण की राजनीति का अहम चेहरा रहे करुणानिधि के नाम हर चुनाव में जीत हासिल करने का भी रिकॉर्ड दर्ज है। वे 13 बार विधानसभा के सदस्य रहे और वह जिस भी सीट पर चुनाव लड़े, हमेशा जीत हासिल की।

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Published on:
08 Aug 2018 01:23 pm
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