
नई दिल्ली। इंसान का सबसे वफादार दोस्त होता है डॉग। जो अपने मालिक की जान बचाने के लिए खुद की जान से भी खेल जाता है। इंसानों के लिए अगर किसी बेजुबान के दिल में इतनी मोहब्बत हो तो उसे सलाम तो किया जाएगा, साथ ही अगर बेजुबान दुनिया से रूखसत हो रहा है तब सम्मान के साथ उसकी अंतिम विदाई होनी भी चाहिए।
अब कुत्तों के अंतिम संस्कार के लिए अनूठी पहल की है। जल्द ही दिल्ली के द्वारका क्षेत्र में विद्युत शवदाह गृह का आरंभ होने जा रहा है। दक्षिणी नगर निगम ने इस पर काम करना शुरू कर दिया है। दरअसल पालतू डॉग्स के मालिकों ने अपने 'प्यारे पालतुओं' के शवों का धार्मिक रीति रिवाज से दाह संस्कार करने का आग्रह किया था। जिसपर लोकल बॉडीज ने अमली जामा पहनाने की तैयारियां शुरू कर दी है। नगर निगम की पहल से संक्रमण और बदबू के अलावा प्रदूषण से भी राहत मिलेगी।
एक दिन में होगा 30 कुत्तों का संस्कार
यह शवदाह गृह द्वारका के सेक्टर-29 में बनाने का प्रस्ताव है। कहा जा रहा है कि इस विद्युत शव दाह गृह में एक दिन में 30 कुत्तों का संस्कार होगा। दक्षिणी दिल्ली निगम के निदेशक (पशुपालन) डॉ. आरबीएस त्यागी ने जानकारी देते हुए बताया कि इस शव दाह गृह के बनने से बदबू और प्रदूषण की समस्या भी दूर होगी। अगर किसी पालतू कुत्ते का मालिक धार्मिक रीति रिवाज के साथ उसके शव का दाह संस्कार करवाना चाहता है तो इसके लिए भी इंतजाम किए जाएंगे।
लिया जाएगा शुल्क
पालतू कुत्तों के अंतिम संस्कार करवाने के लिए उनके मालिकों को जेब भी ढीली करनी पड़ेगी। अंतिम संस्कार के लिए निगम उनके मालिकों से शुल्क लेगा। हालांकि लावारिस कुत्तों की मौत पर उनका निशुल्क अंतिम संस्कार किया जाएगा। बता दें कि पशुओं की मौत के बाद उनके अंतिम संस्कार के लिए इंतजाम न होने की कारण से कई दिनों तक उनके शव पड़े रहते थे, जिससे आसपास के क्षेत्रों में बदबू और संक्रमण फैलता है।