
नई दिल्ली। सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेंकडरी एजुकेशन ( CBSE ) की 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं रद्द किए ( CBSE Board Exam 2020 ) जाने के बाद बोर्ड की ओर से सुप्रीम कोर्ट ( Supreme Court ) में एक हलफनामा दायर किया। CBSE ने 10वीं और12वीं की परीक्षा रद्द करने और वैकल्पिक अंक का फॉर्म्युला जारी किया। इस फॉर्मूले को सुप्रीम कोर्ट से मंजूरी भी मिल गई है।
आपको बता दें कि एक दिन पहले ही सुप्रीम कोर्ट ने सीबीएसई और आईसीएसई ( ICSE Board ) बोर्ड की 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं को रद्द कर दिया था। वहीं शुक्रवार को सर्वोच्च न्यायालय ने सीबीएसई बोर्ड की ओर से जारी किए गए नए प्लान को हरी झंडी दे दी है। आईए जानते हैं क्या है सीबीएसई का नया प्लान।
CBSE बोर्ड ने दिया ये फॉर्मूला
बोर्ड ने अपने हलफनामे में बताया है कि कक्षा 10वीं और 12वीं के जिन छात्रों ने परीक्षा पूरी कर ली है, उनका सामान्य रूप से रिजल्ट आएगा।
तीन से ज्यादा पेपर देने वालों के ऐसे आएंगे नंबर
इसके अलावा जिन छात्रों ने तीन से ज्यादा पेपर दिए हैं, बचे हुए पेपर के लिए उनका रिजल्ट सर्वश्रेष्ठ तीन विषयों के औसत नंबर के हिसाब से दिया जाएगा।
तीन पेपर देने वालों के नंबर
जिन छात्रों ने बोर्ड के तीन पेपर दे दिए हैं, उन्हें बची हुई परीक्षाओं के लिए सर्वश्रेष्ठ दो विषयों के औसत अंक मिलेंगे।
1 या 2 पेपर देने वालों के ऐसे आएंगे नंबर
इसके अलावा जिन छात्रों ने 1 या 2 पेपर खत्म किए, उनके नंबर बोर्ड की परफोर्मेंस और इंटरनल/प्रैक्टिकल असेसमेंट के आधार पर दिया जाएगा। इसके साथ ही 12वीं के छात्रों को वैकल्पिक परीक्षा देने का मौका मिलेगा।
दो हफ्ते में घोषित हो परिणाम
कोर्ट में सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की तरफ से कहा गया कि रिजल्ट घोषित करने के दो सप्ताह के अंदर छात्रों को परीक्षा देने का विकल्प दिया जाना चाहिए। ऐसा ना करने पर भ्रम पैदा होने की संभावना बढ़ जाएगी।
जब हालात ठीक होंगे तो दे सकते हैं परीक्षा
सुनवाई के दौरान CBSE की तरफ से कहा गया कि हम छात्रों को विकल्प दे रहे हैं जब स्थिति अनुकूल होगी तो परीक्षा होगी, यह छात्रों के समर्थन वाली योजना है। तमाम दलील सुनने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने CBSE की योजना को मंजूरी दे दी।