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IIT Bombay को SC की फटकार- दिल्ली में Smog Tower Project से हाथ खींचना Contempt of Court

सुप्रीम कोर्ट ( Supreme court ) भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मुम्बई ( IIT Bombay ) से बेहद नाराज Delhi में Smog Tower के काम से पीछे हटने के लिए शीर्ष अदालत ने IIT Bombay को कड़ी फटकार लगाई

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IIT Bombay को SC की फटकार- दिल्ली में Smog Tower Project से हाथ खींचना Contempt of Court

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ( Supreme court ) भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मुम्बई ( IIT Bombay ) से बेहद नाराज है। यही वजह है कि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण ( Air pollution in delhi ) पर नियंत्रण के मद्देनजर स्मॉग टावर ( Smog Tower ) के काम से पीछे हटने के लिए शीर्ष अदालत ने IIT Bombay को कड़ी फटकार लगाई है। सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस अरुण मिश्रा की अध्यक्षता वाली वाली बेंच ने आईआईट बॉम्बे को फटकार लगाते हुए इसको अदालत की अवमानना ( Contempt of Court ) बताया। सुप्रीम ने अपनी टिप्पणी में कहा कि सरकारी प्रोजेक्ट ( Government project ) से आईआईटी बॉम्बे की पीछे हटने की मंशा बेहद गलत है।

IIT Bombay से आधे घंटे के भीतर जवाब मांगा

यही नहीं सुप्रीम कोर्अ ने इस मामले में सख्ती दिखाते हुए आईआईटी बॉम्बे से आधे घंटे के भीतर जवाब मांगा। कोर्ट इसको लेकर सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से भी सख्त लहजे में पेश आई। इस बीच सॉलिसिटर जनरल ने इतनी जल्दी जवाब दाखिल करने में असमर्थता दर्शाते हुए कहा कि उनको कम से कम 24 घंटे का समय दिया जाना चाहिए। तुषार मेहता के इस जवाब से कोर्ट काफी नाराज हो गई और कहा कि आप मेरे स्थान बैठकर देखिए। कोर्ट ने यह तक कहा दिया कि आप आईआईटी बॉम्बे को बचाने में जुटे हैं।बावजूद इसके सॉलिसिटर जनरल के अनुरोध पर यह सुनवाई गुरुवार तक के लिए लिए टाल दी गई।

कोर्ट की अवमानना का मामला

इस मामले में सुनवाई कर रही सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि टाटा प्रोजेक्ट लिमिटेड और आईआईटी बॉम्बे की ओर से साइट का निरीक्षण किया गया था। अब जब इस बात को छह महीने हो गए हैं तो आईआईटी बॉम्बे इससे पीछे हटने की बात कर रही है। यह तो सीधे-सीधे कोर्ट की अवमानना का मामला है। कोर्ट ने आगे कहा कि इस प्रोजेक्ट को लेकर उसने सीपीसीबी के साथ एमओयू भी साइन किया था। इसलिए अब इस मामले में लेटलतीफी के लिए आईआईटी बॉम्बे को कोर्ट के आदेश के पालन में देरी करने के लिए दण्ड भी दिया जा सकता है। कोर्ट ने पूछा कि यह बात समझ से बाहर है कि कैसे एक सरकारी प्रोजेक्ट से अपना कदम पीछे लिया जा सकता है।

आपको बता दें कि अपनी पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि दिल्ली और केंद्र सरकार संयुक्त रूप से एक समग्र प्लान तैयार करें। दोनों राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में चारों ओर स्मॉग टावर लगाने के लिए प्रोजेक्ट बनाएं। यही नहीं कोर्ट ने दिल्ली और केंद्र सरकार से यह भी कहा था कि दोनों अपने मतभेद किनारे कर एयर प्यूरिफायर टावर लगाने पर काम शुरू करें

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Updated on:
30 Jul 2020 07:57 am
Published on:
30 Jul 2020 07:44 am
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