
नई दिल्ली। बॉलीवुड एक्टर सुशांत सिंह राजपूत ( Sushant Singh Rajput Case ) आत्महत्या मामले में सुप्रीम कोर्ट ( Supreme Court ) का फैसला आ गया है। शीर्ष अदालत के तीन मिनट और 35 पेज का फैसला महाराष्ट्र सरकार ( Maharashtra Government ) और मुंबई पुलिस ( Mumbai Police ) के लिए बड़ा झटका ( Big jolt ) माना जा रहा है। ऐसा इसलिए कि सुशांत मामले में सर्वोच्च अदालत ने महाराष्ट्र पुलिस और वहां की सरकार की दलीलों को पूरी तरह से अनसुना कर दिया है। फिर महाराष्ट्र सरकार ने अदालत के फैसले के खिलाफ अपील की मांग से भी साफ है कि अदालत के इस फैसले से महाराष्ट्र सरकार की परेशानी बढ़ गई है।
अदालत ने साफ कर दिया है कि अब इस मामले में जो भी जांच हो रही है उसे अदालत के फैसले के बाद का जांच माना जाएगा। अदालत खुद चाहती है कि इस मामले में सीबीआई ही जांच ( CBI Probe ) करे।
बता दें कि फिर इस मामले में महाराष्ट्र सरकार का रुख भी संदेश के घेरे में आ गई थी। उद्धव सरकार के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने इस मामले में पहले दिन से इसे आत्महत्या करार दिया था। तथाकथित रूप से सरकार के दबाव में मुंबई पुलिस ने केवल आत्महत्या मामले के एंगल ही फौरी जांच की।
इतना ही नहीं सुशांत की जान को खतरा की सूचना फरवरी में ही परिवार की ओर से मुंबई पुलिस को देने के बाद भी उसने कोई कदम नहीं उठाए। इस मामले की जांच कर रहे मुंबई पुलिस के एक डीसीपी पर तथाकथित तौर पर आत्महत्या के सबूतों को मिटाने और प्रभावी लोगों के मुताबिक जां करने के आरोप लगे हैं। इतना ही नहीं उन ये भी आरोप है कि वो सुशांत की मौत के बाद भी आरोपी रिया चक्रबर्ती के संपर्क में थे।
मुंबई पुलिस के रवैये की वजह से उस पर ये भी आरोप लगे कि उसने सुशांत मामले को पूरी तरह से अन-प्रोफेशनल तरीके से जांच की। मुंबई पुलिस ने दो महीने से ज्यादा समय में इस मामले में एफआईआर भी दर्ज नहीं की। यहां तक कि इस मामले में जांच के घेरे में आए बॉलीवुड के प्रभावी लोगों और महाराष्ट्र के राजनेताओं के दबाव में मुंबई पुलिस ने केवल जांच का नाटक किया।
सुशांत सिंह राजपूत मामले में रिया चक्रवर्ती की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई जांच ( Sushant Singh Rajput Cbi ) की मांग स्वीकार कर ली है। साथ ही यह भी कहा कि इस मामले में बिहार पुलिस ( Bihar Police ) की एफआईआर भी सही है। इस मामले में बिहार सरकार को भी जांच का अधिकार है। सुप्रीम कोर्ट ने मुंबई पुलिस को सभी जांच रिपोर्ट सीबीआई को सौंपने का निर्देश दिए है। साथ ही महाराष्ट्र सरकार को भी सीबीआई से मदद करने को कहा गया है।