Suspension canceled: कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन की तीन दिवसीय हड़ताल अवधि में निलंबन का मामला, सरकारी कार्य में बाधा डालने के आरोप में कलेक्टर ने तीनों को किया था निलंबित
बैकुंठपुर। कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन की तीन दिवसीय हड़ताल के दौरान 30 दिसंबर को एमसीबी कलेक्टर ने आरआई, शिक्षक व सफाई कर्मचारी को निलंबित (Suspension canceled) कर दिया था। तीनों पर शासकीय कार्य में बाधा डालने का आरोप लगाया गया था। इस पर कर्मियों ने मामले की अपील कमिश्नर के पास की। निलंबित किए जाने के 2 दिन बाद ही 2 जनवरी को कमिश्नर ने तीनों का निलंबन आदेश निरस्त कर दिया है। कमिश्नर का कहना था कि तीनों को अपना पक्ष प्रस्तुत करने का अवसर नहीं दिया गया।
एमसीबी कलेक्टर ने राजस्व निरीक्षक संजय पाण्डेय, व्यायाम शिक्षक गोपाल सिंह और सफाई कर्मचारी सुरेन्द्र प्रसाद को कलेक्ट्रेट कार्यालय में शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाने के आरोप में 30 दिसंबर को निलंबित कर दिया गया था। मामले में कर्मियों ने संभागायुक्त कार्यालय अंबिकापुर में अपील (Suspension canceled) की थी।
इसमें बताया गया कि छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन एमसीबी के पदाधिकारी है। तीन दिवसीय आंदोलन के दूसरे दिन 30 दिसंबर को हड़ताल के समर्थन में कर्मचारियों से सहयोग मांगने कलेक्टर कार्यालय मनेन्द्रगढ़ गए थे। बिना किसी जोर जबरदस्ती के निवेदन कर कर्मचारियोंं (Suspension canceled) से स्वेच्छा से हड़ताल में शामिल होने सर्मथन मांगा था।
इस दौरान किसी भी कर्मचारी के विरूद्ध दुव्र्यवहार एवं अभद्र भाषा का प्रयोग नहीं किया। अन्य साथियों सहित सद्भावना पूर्ण वातावरण में वार्तालाप कर लौट गए। इस पर कलेक्टर (Suspension canceled) ने एक पक्षीय कार्यवाही कर निलंबित कर दिया है। जो पूर्णत: द्वेषपूर्ण एवं त्रुटिपूर्ण हैै।
निलंबित कर्मचारियों की ओर से 2 जनवरी को अपील प्रस्तुत करने पर कलेक्टर से मूल अभिलेख, प्रतिवाद उत्तर मंगाया गया। इसके बाद प्रस्तुत अपील एवं संलग्न दस्तावेजों का अवलोकन किया गया। अपीलार्थी की ओर से इस बार पर जोर दिया गया है कि उसके पक्ष को नहीं सुना (Suspension canceled) गया है और नैसर्गिक न्याय सिद्धांत के विरूद्ध निलंबन का आदेश पारित कर दिया गया है।
मामले में संभागायुक्त ने प्रकरण की सुनवाई कर कलेक्टर एमसीबी के पारित निलंबन आदेश विधि एवं प्रक्रियाओं का पालन नहीं करने के कारण अपास्त (निरस्त) (Suspension canceled) कर दिया है। साथ ही निलंबित कर्मियों को निलंबन से बहाल कर पूर्व पदस्थापना स्थल पर ही पदस्थ किया गया है।