कृषि कानूनों को लेकर किसानों और केंद्र सरकार के बीच 5वें दौर की वार्ता भी बेनतीजा रही अब 9 दिसंबर को किसानों और केंद्र सरकार के बीच एक बार फिर बातचीत होगी
नई दिल्ली। कृषि कानूनों ( Agricultural laws ) को लेकर किसानों और केंद्र सरकार ( Central Government ) के बीच पांचवें दौर की वार्ता भी बेनतीजा रही। कई घंटे तक चली वार्ता के दौरान सरकार ने कानूनों में संशोाधन ( Amendment of laws) का प्रस्ताव रखा, लेकिन किसानों ने उसको खारिज कर दिया। किसानों ने साफ कर दिया कि तीनों कानूनों की वापसी और MSP पर कानून से कम में कोई समझौता नहीं हो सकता। इसके लिए सरकार ने किसानों से कुछ समय मांगा है। अब 9 दिसंबर को दोनों के बीच एक बार फिर बातचीत होगी।
आठ दिसंबर को भारत बंद के फैसले लेकर कोई बदलाव नहीं
बैठक के बाद किसान नेताओं ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार ने 9 दिसंबर को एक प्रस्ताव भेजने को कहा है। जिस पर चर्चा के बाद ही अगले दौर की बातचीत होगी। इस बीच भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि सरकार एक प्रस्ताव तैयार करके हमें देगी। सरकार ने कहा है कि वो पहले राज्यों से भी सुझाव लेंगे। राकेश टिकैत ने कहा कि बैठक में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर भी चर्चा हुई, जिसको लेकर कानून बनाने की मांग की गई। इसके साथ ही हमनें कृषि कानूनों की वापसी से कम पर कोई समझोता न होने की बात कही। आठ दिसंबर को भारत बंद के फैसले पर राकेश टिकैत ने कहा कि इसको लेकर कोई बदलाव नहीं किया गया है।
किसानों और सरकार के बीच विज्ञान भवन में 5वें दौर की बातचीत हुई
वहीं, किसान नेता बूटा सिंह ने कहा कि हम कानून की वापसी से कम पर बिल्कुल नहीं मानेंगे। आपको बता दें कि आज यानी शनिवार को किसानों और सरकार के बीच विज्ञान भवन में 5वें दौर की बातचीत हुई। बैठक में सरकार की ओर से केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और पीयूष गोयल ने भाग लिया जबकि किसानों की ओर से 40 प्रतिनिधि बैठक में शामिल हुए।