सुरक्षा एजेंसियों को मिली सूचना के मुताबिक 28 जून से शुरू हो रही अमरनाथ यात्रा में बाधा उत्पन्न करने के लिए पाकिस्तानी आतंकियों की तरफ से साजिश रची जा रही है।
नई दिल्ली। पिछले साल आतंकियों का शिकार हुई अमरनाथ यात्रा पर इस बार खतरे का साया मंडरा रहा है। एक तरफ जहां रमजान के पवित्र महीने में केंद्र सरकार ने सुरक्षाबलों के सैन्य ऑपरेशन पर रोक लगा रखी है वहीं दूसरी तरफ खुफिया सूत्रों से एक बड़ी जानकारी सामने आई है। सुरक्षा एजेंसियों को मिली सूचना के मुताबिक 28 जून से शुरू हो रही अमरनाथ यात्रा में बाधा उत्पन्न करने के लिए पाकिस्तानी आतंकियों की तरफ से साजिश रची जा रही है। राज्य सरकार ने सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए केंद्र से 22 हजार अतिरिक्त जवान मांगे हैं।
राजनाथ की अध्यक्षता में हुई थी बैठक
बाबा बर्फानी की गुफा में स्थित पवित्र शिवलिंग के दर्शन के लिए यह यात्रा 21 दिनों तक चलेगी। गौरतलब है कि पिछले साल भी आतंकियों ने अमरनाथ यात्रा के लिए गई एक बस को निशाना बनाया था। गुरुवार को भी घाटी में सेना के एक जवान और एक स्थानीय पत्रकार की हत्या कर दी गई थी। बीते दिनों कश्मीर दौरे पर गए केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय बैठक हुई थी, करीब 45 मिनट चली इस बैठक में अमरनाथ यात्रा पर संभावित खतरे के मद्देनजर सुरक्षा इंतजामों पर भी चर्चा की गई थी।
दहशत के लिए ये है आतंकियों का प्लान
खुफिया एजेंसियों को मिली जानकारी के मुताबिक अमरनाथ यात्रा के दौरान दहशत फैलाने के लिए आतंकी श्रद्धालुओं या सुरक्षाकर्मियों पर हमले के लिए IED का इस्तेमाल कर सकते हैं। आपको बता दें कि सरकार के भीतर एक पक्ष रमजान की तरह ऑपरेशन को आगे भी स्थगित रखने के पक्ष में है लेकिन अमरनाथ यात्रा में हमले की आशंका से सरकार को बड़ा राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।