राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में किसानोंं द्वारा निकाले गए ट्रैक्टर मार्च ने अचानक हिंसक रूप ले लिया किसान और पुलिस के बीच इस टकराव में कई जवान और किसान गंभीर रूप से घायल हो गए
नई दिल्ली। कृषि कानूनों के विरोध ( Protest against Agriculture Laws ) में राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में किसानोंं द्वारा निकाले गए ट्रैक्टर मार्च ( Tractor Parade ) ने अचानक हिंसक रूप ले लिया। जिसके बाद आईटीओ समेत दिल्ली के कई इलाकों में किसानों और पुलिस बल ( Delhi Police ) के बीच संघर्ष की स्थित पैदा हो गई। इस दौरान किसानों की भीड़ की काबू में करने के लिए पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा। पुलिस ने उपद्रवियों पर आसू गैस के गोले दागे और लाठिया भांजी। किसान और पुलिस के बीच इस टकराव में कई जवान और किसान गंभीर रूप से घायल हो गए। इस बीच पंजाब और हरियाणा मे हाई अलर्ट ( High alert in Punjab and Haryana ) जारी किया गया है।
हरियाणा में हाई अलर्ट जारी किया गया
हरियाणा के पुलिस महानिदेशक मनोज यादव ने जानकारी देते हुए बताया कि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में ट्रैक्टर मार्च के दौरान हुई हिंसक घटनाओं के चलते हरियाणा में हाई अलर्ट जारी किया गया है। डीजीपी मनोज यादव ने राज्य के सभी जिलों में पुलिस कप्तानों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। वहीं, पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि किसी भी तरह की हिंसा को स्वीकार नहीं किया जा सकता। मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने पुलिस महानिदेशक दिनकर गुप्ता को राज्य में हर स्थिति में कानून और व्यवस्था भंग न होने देने के निर्देश दिए। सीएम अमरिंदर सिंह ने कहा कि किसान तत्काल प्रभाव से राजधानी दिल्ली को खाली कर दें और बॉर्डर की ओर लौट आएं, जहां वो पिछले दो महीने से प्रदर्शन कर रहे हैं।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में बुलाई गई हाई लेवल मीटिंग
वहीं, केंद्र सरकार ने दिल्ली में शांति व्यवस्था बहाल करने के लिए अतिरिक्त पैरामिलिट्री फोर्स तैनात करने का फैसला किया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में बुलाई गई हाई लेवल मीटिंग में दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने का फैसला लिया गया। बैठक में केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला और दिल्ली पुलिस कमिश्रर एसएन श्रीवास्तव समेत अन्य बड़े अधिकारी मौजूद रहे। केंद्रीय गृह मंत्रालय से जुड़े सूत्रों के अनुसार दिल्ली के संवदेशनशील में इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई जा रही है। हालांकि सुरक्षाबल कितनी संख्या में तैनात किए जा रहे हैं, इसकी पुख्ता जानकारी तो नहीं मालूम हो पाई है, लेकिन 1500 से 2000 पुलिसकर्मियों की अतिरिक्त तैनाती की बात सामने आई है।
इन घटनाओं के पीछे कौन जिम्मेदार?
इस बीच स्वराज इंडिया के योगेन्द्र यादव ने कहा कि ट्रैक्टर रैली के दौरान किसानों द्वारा मचाए गए उपद्रव पर काफी शर्मिंदा हैं और इसकी पूरी जिम्मेदारी लेते हैं। योगेंद्र यादव ने कहा कि आंदोलन का हिस्सा होने के नाते वह आज की घटना से काफी शर्मिंदा हैं। उन्होनें कहा कि अभी यह नहीं कहा जा सकता है कि इन घटनाओं के पीछे कौन जिम्मेदार है औ कौन नहीं, लेकिन ऐसा लगता है कि यह जरूर उन लोगों का काम होगा, जिनको हमने किसान आंदोलन के बाहर रखा है।