विविध भारत

पूरी क्षमता के साथ आज से चलेंगी यात्री ट्रेनें, मुसाफिरों की जांच प्रोटोकॉल राज्यों पर

स्टेशन पर डेढ़ घंटे पहले पहुंचना जरूरी, स्क्रीनिंग और पूछताछ होगी। यात्रा खत्म होने पर संबंधित राज्य के जांच नियमों का करना होगा पालन। यात्री अपना भोजन लेकर करें सफर, लॉकडाउन के चलते स्टॉल्स हैं बंद।

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Train Passengers State Protocols

नई दिल्ली। लॉकडाउन के हर चरण में पूर्व की तुलना में ज्यादा ढील देने के इरादे से सरकार आज यानी मंगलवार से भारतीय रेलवे की सीमित यात्री ट्रेनों का संचालन शुरू करने जा रही है। कोरोना के कहर से जूझते देश को एक बार फिर से सामान्य हालात में लाने के उद्देश्य से शुरू की गई यह सेवा आज से पूरी क्षमता से शुरू होगी। हालांकि इस दौरान ट्रेन में सफर के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग की जिम्मेदारी खुद मुसाफिरों पर होगी। जबकि प्रस्थान के वक्त संबंधित राज्य की जिम्मेदारी होगी कि वो इन मुसाफिरों के पहुंचने पर कौन से प्रोटोकॉल का पालन करते हैं।

सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ वीडियो-कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान जबकि राज्यों ने इस समय यात्री ट्रेनों को फिर से शुरू करने पर आशंका व्यक्त की थी। रेलवे के एक प्रवक्ता ने बताया कि 'विशेष राजधानी' निर्धारित समय पर चलेंगी और गंतव्य स्थानों की सूची पर रोक लगाने का कोई निर्देश नहीं था। ट्रेनें पूरी क्षमता के साथ दौड़ेंगी।

दरअसल, पिछले सप्ताह प्रवासी मजदूरों को घर ले जाने के लिए शुरू हुई श्रमिक स्पेशल ट्रेनों की अधिकतम क्षमता 1,200 तय की गई थी। लेकिन राजधानी जैसी ट्रेनों के संचालन के बारे में रेल मंत्रालय के आदेश में सोमवार को ऐसा कोई उल्लेख नहीं है। अधिकारियों ने कहा कि यात्रियों को ट्रेनों के अंदर और स्टेशनों पर भी सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखने की सलाह दी जाएगी। वहीं, अब श्रमिक स्पेशल की क्षमता को भी बढ़ाकर लगभग 1,600 कर दिया गया है।

यात्रियों को प्रवेश और निकास पर हैंड सैनेटाइजर दिया जाएगा और स्टेशनों में प्रवेश करने की अनुमति केवल तब ही दी जाएगी, अगर उनमें कोरोना वायरस का कोई लक्षण और थर्मल स्क्रीनिंग में कुछ नहीं आता है। इसके चलते ही मुसाफिरों को प्रस्थान से 90 मिनट पहले स्टेशन पहुंचने के लिए कहा गया है।

मंगलवार से शुरू हो रही रेल सेवा में 15 ट्रेनों को विशेष राजधानी का नाम दिया गया है। इन ट्रेनों के भीतर ही भुगतान करके डिब्बाबंद स्नैक्स, बिस्कुट और पानी की बोतलें उपलब्ध होंगी। इसलिए आम राजधनी ट्रेनों की तरह इनमें भोजन शुल्क नहीं लिया जाएगा। अधिकारियों ने कहा, दरअसल कुछ यात्राएं 24 घंटे से अधिक समय की होती हैं और स्टेशनों पर लॉकडाउन के चलते स्टाल बंद हैं, इसलिए यात्रियों को घर से भोजन लाने की सलाह दी जाती है।

वहीं, गृह मंत्रालय के दिशानिर्देशों में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि यात्रियों के आगमन पर उन्हें क्वारेंटाइन किया जाएगा या नहीं। हालांकि इस बारे में मंत्रालय ने कहा कि इसके लिए उन राज्यों के मानक प्रोटोकॉल्स का पालन किया जाएगा।

Updated on:
14 May 2020 12:35 pm
Published on:
12 May 2020 09:40 am
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