Coronavirus संकट के बीच Uddhav Govt का बड़ा फैसला Maharashtra में रद्द कीं Professional-Non Professional Exam PM Modi को लिखा खत, Medical Exam टालने या सभी को पास करने का किया अनुरोध
नई दिल्ली। महाराष्ट्र में लगातार कोरोना ( Coronavirus in Maharashtra ) अपने पैर पसार रहा है। यही वजह है कि उद्धव सराकर लगातार इससे निपटने और बचाव के लिए कड़े कदम उठा रही है। इसी कड़ी में अब महाराष्ट्र सरकार ने प्रोफेशनल-नॉन प्रोफेशनल कोर्स ( Porfessional course ) के अंतिम वर्ष और अंतिम सेमेस्टर की परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया है। सीएम उद्धव ठाकरे ( CM Uddhav Thackeray ) ने कहा कि वर्तमान माहौल किसी भी परीक्षा या कक्षाओं का संचालन करने के लिए सही नहीं है।
महाराष्ट्र सरकार ( Maharashtra Govt ) ने कॉलजों की ओर से तय किए गए फार्मूले के आधार पर डिग्री प्रदान करने का भी फैसला लिया है। यही नहीं मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने केंद्र सरकार से मांग भी की है कि मेडिकल परीक्षाएं ( Medical Exam ) या तो टाली जाएं या फिर सबको पास किया जाए।
टाली जाएं मेडकिल परीक्षाएं या सभी को करें पास
मुख्यमंत्री कार्यालय ने शुक्रवार को बड़ी जानकारी दी। इसके मुताबिक उद्धव सरकार ने छात्रों को पिछले प्रदर्शन के आधार पर पास करने का फैसला लिया है। सीएमओ ने कहा कि मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखा है।
इसमें राष्ट्रीय स्तर के शीर्ष अधिकारियों जैसे एआईसीटीई ( AICTI), सीओए ( COA), पीसीआई ( PCI ), बीसीआई( BCI ), एनसीटीई ( NCTE ) और नेशनल काउंसिल फॉर होटल मैनेजमेंट और कैटरिंग टेक्नोलॉजी को निर्देश देने का अनुरोध किया गया है ताकि प्रोफेशनल कोर्स को लेकर वे राज्य सरकार के फैसले का समर्थन करें और विश्वविद्यालयों को दिशा निर्देश जारी करें।
महाराष्ट्र सरकार की ओर से पीएम मोदी को लिखे खत में कहा है गया है कि ज्यादातर परीक्षाएं अगस्त में होती हैं और वह तैयारियों में व्यस्त रहते हैं, लेकिन वर्तमान संकट को देखते हुए या तो मेडिकल परीक्षाओं को टाल दिया जाए या फिर सभी को पास घोषित कर दिया जाए।
पहले शिक्षा मंत्री ने की थी ये घोषणा
महाराष्ट्र के शिक्षा मंत्री उदय सामंत ने 8 मई को घोषणा की थी कि अंतिम वर्ष के छात्रों को छोड़कर पहले और दूसरे वर्ष के छात्रों को पिछले सेमेस्टर के नंबरों के आधार पर पास किया जाएगा।
फाइनल ईयर के स्टूडेंट्स को परीक्षाएं देनी होंगी। लेकिन अब कोरोनावायरस के खतरे को देखते हुए स्टूडेंट्स के लिए परीक्षाएं आयोजित कराना संभव नहीं है।