महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे ने लोगों को सतर्क करते हुए कहा कि उन्हें नहीं पता है कि कब और कैसे कोरोना की तीसरी लहर (Covid Third Wave) आएगी।
नई दिल्ली। महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे (Maharashtra Chief Minister Uddhav Thackeray) ने राज्य में कोरोना के मामलों को लेकर लोगों से अपील की है कि वह किसी तरह की ढिलाई न बरतें। यहां पर लॉकाडाउन 15 दिनों के लिए बढ़ाया गया है। ठाकरे ने लोगों को सतर्क करते हुए कहा कि उन्हें नहीं पता है कि कब और कैसे कोरोना की तीसरी लहर (Covid Third Wave) आएगी। ऐसे में हमें सावधान रहने की आवश्यकता होगी। हालांकि सीएम ने खुशी जताई है कि बीते कुछ दिनों में कोरोना का रिकवरी रेट में 92 फीसदी तक पहुंच गया है।
मेडिकल ऑक्सीजन की कमी होगी
इस दौरान उन्होंने आम लोगों से जुड़ी पाबंदियों का अच्छे तरह से पालन करने और कोरोना के मामलों को काबू में लाने की कोशिश में मदद के लिए जनता का आभार व्यक्त किया है। ठाकरे के अनुसार अगर राज्य कोरोना की तीसरी लहर झेलता है तो उसे मेडिकल ऑक्सीजन की कमी का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने बताया कि उस दौरान राज्य को रोजाना 1700 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की आवश्यक्ता होगी।
बच्चों को बनाएगी निशाना
ठाकरे ने बच्चों को संक्रमण से बचाने सलाह दी। उन्होंने कहा कि संक्रमण की तीसरी लहर बच्चों को निशाना बनाएगी। मगर लोगों को ज्यादा परेशान नहीं होना चाहिए, क्योंकि विशेषज्ञों का कहना है कि उनकी प्रतिरोधी क्षमता ज्यादा अच्छी है। अगर वे संक्रमण की चपेट में आते हैं तो भी वे इसे सहन कर ले जाएंगे। हालांकि सीएम ने सभी को अपने बच्चों को संक्रमण से बचाने की सलाह दी है।
3 हजार के करीब ब्लैक फंगस के मामले
उद्धव ठाकरे ने म्यूकोरमाइकोसिस यानी ब्लैक फंगस के खतरे को लेकर कहा कि राज्य में अब तक ऐसे 3 हजार के करीब मामले सामने आए हैं। महाराष्ट्र में टीकाकरण अभियान के बारे में सीएम ने कहा कि राज्य में 18 से 44 आयु वर्ग के छह करोड़ लोग हैं। मगर टीकों के उत्पादन और उपलब्धता को लेकर भारी कमी है। उन्होंने बताया कि जून में इस आपूर्ति को पूरा करने का आश्वासन दिया गया है।
तूफान से हुए नुकसान का जायजा लिया
हाल में देश के पश्चिमी तटों से टकराने वाले चक्रवाती तूफान ताउते (cyclonic storm Tauktae) को लेकर ठाकरे ने कहा कि बेहद शक्तिशाली तूफान था। महाराष्ट्र से नहीं टकराने के कारण भारी तबाही से राज्य बच गया। मगर दुर्भाग्य से इसने गुजरात में काफी नुकसान पहुंचाया। उन्होंने रत्नागिरि, सिंधुदुर्ग में हुए नुकसान का जायजा लिया है। इसके बाद मुआवजे का भुगतान जल्द ही शुरू कर दिया है।