Coronavirus संकट के बीच Bihar Govt का बड़ा फैसला Sawan में लगने वाले Mela, Shiv Temple में होने वाला जलाभिषेक और Kanwar yatra पर लगाई रोक सावन शुरू होते ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं शिवालय
नई दिल्ली। देशभर में कोरोना वायरस ( Coronavirus in india ) का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। देश में अब तक कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या 6 लाख 40 हजार के पार पहुंच चुकी है। तेजी से बड़ रहे महामारी के खतरे के बीच केंद्र ( Central Govt ) और राज्य सरकारें लगातार कड़े कदम उठा रही हैं। ताकि इस वायरस को मात दी जा सके। हालांकि अनलॉक-2 ( Unlock 2.0 ) में सरकार ने कई क्षेत्रों में ढील बढ़ाई है लेकिन त्योहारों पर फिलहाल पाबंदियों का असर अब बना हुआ है।
आने वाले सावन महीने में पूजा-पाठ व अनुष्ठानों पर भी पड़ेगा। ऐसे में कई राज्यों में सावन महीने में कांवड़ यात्रियों और शिवालयों में भक्तों की भीड़ काफी बढ़ जाती है।
यही वजह है कि बिहार सरकार ( Bihar Govt ) ने बड़ा फैसला लिया है। कोरोना के बढ़ते फैलाव के बीच नीतीश सरकार () ने सावन में किसी भी शिव मंदिर में जलाभिषेक के लिए लोगों के पहुंचने पर पाबंदी लगा दी गई है।
इन इलाकों में रहेगी पाबंदी
बिहार राज्य धार्मिक न्याय समिति ( Bihar State board Of Religious Trust ) की ओर से जारी किए गए दिशा-निर्देश के मुताबिक 4 अगस्त तक ये पाबंदी लागू रहेगी। उन सभी शिव मंदिर जहां सावन में मेला, जलाभिषेक, कांवर यात्रा का आयोजन किया जाता है उसको पूर्ण रूप से 4 अगस्त तक बंद किया गया है. ये आदेश पूरे बिहार में लागू होगा।
सोमवार से सावन की धूम
सावना का पहला दिन ही सोमवार को पड़ रहा है। 6 जुलाई से ही सावन महीना शुरू हो रहा है। दरअसल सावन का महीने में पहले सोमवार को श्रावण महीने में काफी संख्या में श्रद्धालु पूजा-अर्चना व जलाभिषेक करने के लिए मंदिरों विशेषकर शिवालयों में जाते हैं।
यही वजह है कि सभी जगह पाबंदी लगा दी गई है। आपको बता दें कि कोविड -19 के संक्रमण एवं फैलाव को देखते हुए अनलॉक -2 में गृह मंत्रालय भारत सरकार एवं गृह विभाग बिहार सरकार की ओर से भी निर्देश जारी किए गए हैं।
इन दिशा निर्देशों के मुताबिक बड़ी संख्या में एक साथ लोगों के जमावड़ा को प्रतिबंधित किया गया है। प्रशासन ने लोगों और शिव भक्तों से खास तौर पर अनुरोध किया है कि वे कोरोना संकट को समझते हुए सरकार और प्रशासन का सहयोग करें।
थोड़ी सावधानी और समझरी से वे ना सिर्फ खुद को बल्कि अपने परिवार को भी इस महामारी से बचाने में सफल होंगे। प्रशासन ने लोगों के आग्रह किया है कि वे घरों में रहकर ही त्योहार मनाएं और भगवान शिव की आराधना एवं पूजा-पाठ करें।