उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू सात दिवसीय यात्रा पर रवाना हुए हैं। ग्वाटेमाला, पनामा के बाद वह पेरू की यात्रा पर होंगे।
नई दिल्ली। उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू बुधवार को पनामा पहुंचे। यहां एयरपोर्ट पर उनके स्वागत के लिए पनामा के विदेश मामलों के मंत्री लुइस मिगुएल हिनाकी मौजूद थे। अपने तय कार्यक्रम के अनुसार उपराष्ट्रपति पनामा विश्वविद्यालय में छात्रों को संबोधित करेंगे। इसके साथ भारत और पनामा के साझा मुद्दों पर बातचीत करेंगे। गौतलब है कि उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू सात दिवसीय यात्रा पर रवाना हुए हैं। वह शनिवार को ग्वाटेमाला गए थे। अब पनामा के बाद वह पेरू भी जाएंगे। उनकी इस यात्रा का मकसद दक्षिणी अमेरिकी देशों के साथ द्विपक्षीय संबंधों एवं आपसी हितों से जुड़े विषयों पर व्यापक चर्चा करना है। उपराष्ट्रपति की यात्रा 12 मई तक है।
100 वर्ष से अधिक पुराने हैं संबंध
नायडू पनामा से संबंधों को और मजबूत बनाने के लिए वहां के नेतृत्व के साथ चर्चा करेंगे। पनामा और भारत के बीच के संबंध 100 वर्ष से भी अधिक पुराने हैं। उपराष्ट्रपति की यात्रा के दौरान शिपिंग,वित्तीय और बैंकिंग क्षेत्र में लाजिस्टिक से जुड़े विषयों पर सहयोग के बारे में चर्चा होगी। पनामा में उपराष्ट्रपति का पनामा विश्वविद्यालय में छात्रों को संबोधित करने का भी कार्यक्रम है।
संबंधों को मजबूत बनाएंगे
विदेश यात्रा पर रवाना होने से पहले उपराष्ट्रपति सचिवालय ने वेंकैया नायडू ने कहा था कि वह अपनी पहली आधिकारिक विदेश यात्रा पर लैटिन अमेरिकी देशों के साथ संबंधों को मजबूत बनाने पर जोर देंगे। उन्होंने कहा कि वे इन तीन देशों के नेताओं के साथ उच्च स्तरीय बैठक करेंगे। वे इन देशों में सांसदों, विश्वविद्यालय के छात्रों और भारतीय समुदाय के सदस्यों से मुलाकात कर भारत का पक्ष सामने रखेंगे। तीन देशों की यात्रा के क्रम में उपराष्ट्रपति अंत में पेरू जाएंगे। पेरू में करीब एक महीने पहले ही नई सरकार सत्ता में आई है। उपराष्ट्रपति ने कहा कि इस यात्रा के दौरान राजनीतिक संवाद, बहुस्तरीय विषयों, कारोबार एवं वाणिज्य, निवेश, सूचना प्रौद्योगिकी, पारंपरिक औषधि, अंतरिक्ष, रक्षा एवं संस्कृति से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होगी।