दिल्ली हिंसा और कोरोना की मार से होली मार्केट बेजार होली पर व्यस्त रहने वाले बाजार खाली आ रहे नजर पत्रिका टीम ने मौके पर पहुंच जाना दुकानदारों का हाल
नई दिल्ली। पहले दिल्ली के दंगों का कहर और फिर कोरोना वायरस ( Coronavirus ) का जहर होली के त्यौहार ( Holi festival ) पर बड़ा असर डाल रहा है। दिल्ली का सदर बाजार कई चीजों के लिए पूरी एशिया का सबसे बड़ा मार्केट माना जाता है। चाहे फिर बात मसालों की हो या पनीर की। खिलौने और कपड़े से लेकर होली के रंग और पिचकारी तक सब कुछ यहां पर मिलता है। आपको यहां हर चीज काफी सस्ते और बेहतर क्वालिटी की मिल जाएगी।
सदर बाजार होलसेल मार्केट है और यहां ना केवल दिल्ली बल्कि हरियाणा पंजाब राजस्थान उत्तर प्रदेश बिहार और हिमाचल प्रदेश के लोग सामान खरीदने आते हैं बल्कि व्यापारी वर्ग भी सस्ता सामान होने की वजह से काफी बड़ी मात्रा में सामान ले जाते हैं, लेकिन इस बार दिल्ली के दंगों की वजह से और कोरोना वायरस के डर से बाहर के दुकानदार सामान सही से नहीं आ रहे हैं। जिसकी वजह से काफी बड़ी मात्रा में होली का सामान मंगा चुके थोक विक्रेता काफी परेशान दिख रहे हैं। उनकी मानें तो पिछली बार होली से 4 दिन पहले लगभग 70 प्रतिशत से ज्यादा सामान बिक चुका था लेकिन इस बार इसका आधा भी नहीं बिका है।
जब पत्रिका की टीम ने मौके पर जाकर ग्राउंड रिपोर्टिंग की तो अधिकांश दुकानदार मार्केट के पीक टाइम में या तो सोते नजर आए या फिर खाली बैठे दिखाई दिए। आमतौर पर हर साल इस समय व्यापारियों का भारी हुजूम इस इलाके में देखा जा सकता है। यहां तक कि मार्केट में पैर रखने की भी जगह नहीं मिलती। हालांकि मुख्य मार्ग से सदर बाजार को जोड़ने वाली सड़क आम दिनों की तरह ही व्यस्त थी, लेकिन मार्केट काफी हल्का नजर आया। यह सुस्ती अगर होली के दिन तक जारी रही तो यहां के दुकानदार यह सामान स्टॉक करने के लिए मजबूर हो जाएंगे। उनका सामान खरीदने में लगी रकम फस जाएगी।
एक तरफ तो बाजार का यह हाल है, वहीं दूसरी तरफ दिल्ली के पॉश इलाके सिविल लाइंस और कमला नगर का आरडब्लूए किसी भी कीमत पर होली खेलने की तैयारी कर रहा है। यहां के लोग ना तो कोरोना के आंख दिखाने से डर रहे हैं ना ही दंगों की आग से भयभीत है, बल्कि जरूरी सावधानी के साथ होली मनाने की तैयारी में जुट गए हैं।