corona संकट के बीच Weather Forecast Bay Of Bengal में बन रहा निम्म दबाव मई में बड़े चक्रवाती तूफान का अनुमान
नई दिल्ली। देशभर में मौसम का मिजाज ( Weather forecast ) लगातार बदल रहा है। दुनिया के साथ भारत भी इस वक्त कोरोना वायरस ( Coronavirus ) के खतरे से जूझ रहा है। लेकिन इस बीच मौसम विभाग ( IMD ) ने एक और चेतावनी जारी की है, जो कोरोना काल के बीच एक और बड़े खतरे की तरफ इशारा कर रही है। दरअसल मौसम की जानकारी देने वाली निजी संस्था स्काइमेट के मुताबिक देश में चक्रवाती तूफान ( Cyclone ) का खतरा मंडरा रहा है।
ये चक्रवाती तूफान मई महीने में देश में दस्तक दे सकता है। बंगाल की खाड़ी ( Bay of Bengal ) से उठने वाले इस तूफान की चपेट में आने वाले राज्यों के लिए कोरोना के साथ इस तूफान से निपटने बड़ी चुनौती बन सकती है।
दरअसल भारत में आमतौर पर दो ऐसे मौके होते हैं जब चक्रवाती तूफान आने की संभावना रहती है। एक मानसून से पहले और दूसरा मानसून के बाद। आमतौर पर माना जाता है कि भारत में चक्रवाती तूफान का सीजन अप्रैल से शुरू होता है और नवंबर तक जारी रहता है। मुख्यतः इसी दौरान बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में चक्रवाती तूफान उठते हैं।
ऐसे बनते हैं चक्रवाती तूफान
चक्रवाती तूफान उठने का प्रमुख कारण इंडियन ओषन डायपोल को दिया जा सकता है। जब इंडियन ओशन डायपोल (आई ओ डी) पॉजिटिव रहता है तब अरब सागर पर ज्यादा तूफान बनते हैं। जब आईओडी सकारात्मक होता है तब हिंद महासागर क्षेत्र का पूर्वी हिस्सा अधिक गर्म होता है।
इस समय आईटीसीजेड उत्तरी दिशा की तरफ बढ़ रहा है और समुद्र की सतह का तापमान ऊपर जाने लगा है। इसलिए उम्मीद की जा रही है कि अंडमान सागर पर मई महीने की शुरुआत में निम्न दबाव विकसित होगा और बाद में यह सिस्टम डिप्रेशन बन जाएगा।
डिप्रेशन बनते समय यह सिस्टम उत्तर पूर्वी दिशा में आगे बढ़ते हुए बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पूर्वी और इससे सटे अंडमान सागर पर पहुंच सकता है।
इन राज्यों को ज्यादा करेगा प्रभावित
बंगाल की खाड़ी पर बनने वाले समुद्री तूफानों के इतिहास के आधार पर यह कहा जा सकता है कि बंगाल की खाड़ी के दक्षिण पूर्वी भागों पर अगर चक्रवाती तूफ़ान उठता है तो यह आमतौर पर पश्चिमी तथा उत्तर-पश्चिमी दिशा में आगे बढ़ता है और बंगाल की खाड़ी के मध्य में पहुंचने के बाद उत्तर-पश्चिमी दिशा में जाता है, जिसका लैंडफॉल आंध्र प्रदेश ओडिशा के तटों पर होता है।
आपको बता दें कि साइक्लोन सीजन में अरब सागर की तुलना में बंगाल की खाड़ी ज्यादा सक्रिय रहती है। लेकिन पिछले वर्ष यानी 2019 में बंगाल की खाड़ी की तरह ही अरब सागर में भी सक्रियता देखने को मिली थी।
दरअसल इस वक्त पूरा देश कोरोना वायरस की वजह से लॉकडाउन का सामना कर रहा है। ऐसे में इसका सीधा असर आजीविका पर पड़ा है। वहीं चक्रवाती तूफान कुछ राज्यों को अपनी चपेट में लेता है तो ये दोहरी मार साबित हो सकती है।