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चीन ने गिलगित-बाल्टिस्तान मुद्दे पर साधी चुप्‍पी, भारत-पाक के बीच कश्मीर ऐतिहासिक समस्‍या

गिलगित-बाल्टिस्तान के मुद्दे पर चीन की चुप्‍पी का कूटनीतिक स्‍तर पर कई मायने निकाले जा रहे हैं।

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May 30, 2018

नई दिल्‍ली। पाक सरकार के गिलगित-बाल्टिस्तान के प्रशासनिक अधिकार को लेकर हाल ही में जारी एक आदेश पर चीन ने चुप्‍पी साध ली है। चीन के इस चुप्‍पी के कई मायने निकाले जा रहे हैं। चीनी विदेश मंत्रालय के हवाले से कहा गया है कि विवादित क्षेत्र से होकर गुजर रहे चीन पाकिस्तान इकनॉमिक कॉरिडोर (सीपीईसी) का कश्मीर समस्या से कोई लेना देना नहीं है। कश्मीर समस्या को भारत और पाकिस्तान को मिलकर सुलझाने की जरूरत है। यानी चीन ने इस मुद्दे पर प्रत्‍यक्ष तौर पर कुछ कहने से इनकार कर दिया है।

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इसी क्षेत्र से गुजरता है सीपीईसी प्रोजेक्‍ट
चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने मीडिया से बातचीत में कहा कि कश्मीर समस्या भारत और पाकिस्तान के बीच का ऐतिहासिक विवाद है। लिहाजा इसे दोनों पक्षों को बातचीत के जरिए मिलकर सुलझाना होगा। पाकिस्तान सरकार के गिलगित-बाल्टिस्तान को लेकर नए आदेश से जुड़े सवाल पर हुआ ने कहा कि पेइचिंग इस रुख पर कायम है कि गिलगित-बाल्टिस्तान क्षेत्र से होकर गुजर रहे 50 अरब डॉलर के सीपीईसी प्रॉजेक्ट का उसके कश्मीर समस्या को लेकर रुख पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उन्‍होंने कहा कि हमने कई बार जोर देकर कहा है कि सीपीईसी आर्थिक उद्देश्यों के लिए है। यह आर्थिक उद्देश्यों और लोगों के जीवनयापन के लिए है। इस पहल से कश्मीर समस्या को लेकर हमारा रुख प्रभावित नहीं होगा।

पाक का हिस्‍सा नहीं गिलगित-बाल्टिस्तान
आपको बता दें कि पाकिस्तान के कैबिनेट ने 21 मई को गिलगित-बाल्टिस्तान पर नए आदेश को मंजूरी दी जिसपर वहां की असेंबली ने भी मुहर लगा दी है। नए आदेश को इस विवादित क्षेत्र को पाकिस्तान का पांचवां राज्य बनाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। पाकिस्तान के नए आदेश से गिलगित-बाल्टिस्तान क्षेत्र के लोगों में नाराजगी है और भारत ने भी इस पर कड़ी आपत्ति जाहिर की है। भारत ने पाकिस्तान से दो टूक कहा है कि 1947 के विलय प्रस्ताव के मुताबिक पूरा जम्मू-कश्मीर राज्य उसका अभिन्न हिस्सा है और इसमें कथित गिलगित-बाल्टिस्तान क्षेत्र भी शामिल है। पाकिस्तान ने अपने अवैध कब्जे वाले कश्मीर को 2 प्रशासनिक हिस्सों में बांट रखा है- गिलगित-बाल्टिस्तान और पीओके। गिलगित-बाल्टिस्तान को पाकिस्तान अब तक एक अलग भौगोलिक इकाई के तौर पर देखता आया है। दोनों क्षेत्रों की अपनी-अपनी विधानसभाएं हैं और तकनीकी रूप से पाकिस्तान संघ का हिस्सा नहीं हैं। बलूचिस्तान, खैबर-पख्तूनख्वा, पंजाब और सिंध पाकिस्तान के चार प्रांत हैं। लेकिन अब पाकिस्तान गिलगित-बाल्टिस्तान को पांचवां प्रांत बनाने की तैयारी कर रहा है।

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Published on:
30 May 2018 10:09 am
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