प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अगले हफ्ते के ब्रिटेन दौरे के दौरान इस समझौते पर फैसला लिया जा सकता है।
नई दिल्ली। भारत और ब्रिटेन के बीच एक ऐसे समझौते की उम्मीद है, जिसके कारण हजारों भारतीय छात्रों को फायदा मिलेगा। दरअसल ब्रिटेन ने भारत के सामने एक प्रस्ताव रखा है, जिसमें उसने दोनों देशों के छात्रों की डिग्रियों को एक समान मान्यता देने की मांग की है। आशंका जताई जा रही है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अगले ब्रिटेन दौरे के दौरान इस समझौते पर फैसला लिया जा सकता है। बता दें कि पीएम मोदी द्वीपक्षीय वार्ता के लिए अगले हफ्ते ब्रिटेन जाएंगे।
14 हजार भारतीय छात्रों को मिलेगा फायदा
ब्रिटेन और भारत की डिग्रीयों कि मान्यता एक होने का मतलब होगा कि भारत के बीए को ब्रिटेन में बीए और भारत के पोस्ट-ग्रेजुएशन को ब्रिटेन के पोस्ट-ग्रेजुएशन की तरह ही माना जाएगा। इस बात की कयास लगाई जा रही है कि पीएम के दौरे पर यह मुद्दा उठाया जाएगा। समझता सफल होने पर अनुमानित 14 हजार भारतीय छात्रों को फायदा मिलेगा।
अभी ये है ब्रिटिन में पढ़े छात्रों के लिए सिस्टम
इस समझौते के संबंध में ब्रिटिश उच्चायुक्त डोमिनिक क्यूसिथ ने कहा कि अगर भारत ने हमारे इस प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया तो हमें इस बात की बहुत खुशी होगी। आपको बता दें कि फिलहाल अभी अगर भारतीय छात्र ब्रिटेन के किसी यूनिवर्सिटी से पोस्ट-ग्रेजुएशन करके लौटता है तो वो देश में पीएचडी करने के योग्य नहीं है। ऐसा इसलिए क्योंकि ब्रिटेन में पोस्ट-ग्रेजुएशन सिर्फ एक साल का है, जबकि भारत में इसकी अवधि दो साल की है।
इन देशों के साथ पहले भी किए गए हैं ऐसे समझौते
बता दें फ्रांस के राष्ट्रपति के भारत यात्रा के दौरान भी उनसे इस तरह का समझौता किया गया था। इसके अलावा भारत इससे पहले यूरोपीय यूनियन के साथ भी इस तरह का समझौता कर चुका है। ब्रिटेन के साथ इस समझौते पर हामी भरने का एक कारण यह भी माना जा रहा है कि ब्रिटेन के विश्वविद्यालय टॉप 20 यूनिवर्सिटीज में से एक गिने जाते हैं। ऐसे में उनकी गुणवत्ता को ध्यान में रखें तो ये फैसला ब्रिटेन के पक्ष में होता दिखाई दे रहा है।