HIGHLIGHTS Iran Missile Test: आर्म्‍ड ग्राउंड फोर्स के कमांडर ब्रिगेडियर जनरल किओमार्स हैदरी ने बताया है कि इस मिसाइल को ईरान ने स्‍वदेशी तकनीक से बनाया है। ईरान के रक्षा मंत्री ने एक बयान में कहा था हमारे देश की प्रतिरोधक क्षमता स्‍वदेशी मिसाइलों पर आधारित है, जो विस्फोटक क्षमता से लैस है।
तेहरान। अमरीका और इजरायल के साथ चल रहे तनाव के बीच ईरान ने एक नई मिसाइल का सफल परीक्षण किया है। बताया जा रहा है कि इस मिसाइल की मारक क्षमता 300 किमी तक है। सबसे खास बात कि ईरान ने इस स्वदेशी तकनीक से बनाया है।
आर्म्ड ग्राउंड फोर्स के कमांडर ब्रिगेडियर जनरल किओमार्स हैदरी ने बताया है कि इस मिसाइल को ईरान ने स्वदेशी तकनीक से बनाया है। इस टेस्टिंग में मिसाइल की क्षमता का परीक्षण किया गया जो पूरी तरह से सफल रहा।
हैदरी ने बताया कि यह मिसाइल किसी भी मौसम में अपने लक्ष्य को भेदने में सक्षम है। इससे पहले ईरान के रक्षा मंत्री ने एक बयान में कहा था हमारे देश की प्रतिरोधक क्षमता स्वदेशी मिसाइलों पर आधारित है, जो विस्फोटक क्षमता से लैस है।
मिसाइल के सफल परीक्षण के बाद से अमरीका और इजरायल का टेंशन बढ़ने वाला है। चूंकि हाल के घटनाक्रम के मद्देनजर अमरीक और इजरायल के साथ ईरान का तनाव काफी बढ़ गया है। इजरायली खुफिया एजेंसी मोसाद ने एक ऑपरेशन के तहत ईरान के परमाणु वैज्ञानिक मोहसेन फखरीजादेह की हत्या कर दी थी, जिसको लेकर ईरान ने स्पष्ट कहा था कि वह इस हत्या का बदला जरूर लेगा।
ईरान पर परमाणु प्रोग्राम शुरू करने का आरोप
आपको बता दें कि ईरान पर गुपचुप तरीके से परमाणु प्रोग्राम शुरू करने का आरोप कई बार लग चुका है। हालांकि ईरान इसका खंडन करता रहा है और ये कहता रहा है कि वह परमाणु ऊर्जा का शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल कर रहा है।
मालूम हो कि न्यूक्लियर साइंटिस्ट फखरीजादेह को पश्चिमी और इजरायली खुफिया एजेंसियां 2003 में बंद किए देश के परमाणु बम प्रोग्राम 'अमाद' का सीक्रेट लीडर मानती आई हैं। ईरान का परमाणु प्रोग्राम इतना खुफिया है कि फखरीजादेह की शायद ही कोई पब्लिक प्रोफाइल रही हो।
फखरीजादेह अकेले ऐसे ईरानी साइंटिस्ट थे जिनका नाम इंटरनैशनल अटॉमिक एनर्जी एजेंसी के 2015 फाइनल असेसमेंट में था।