पीएम मोदी ने ( pm modi on raise 2020 ) किया रिस्पॉन्सिबल एआई फॉर सोशल एंपावरमेंट शिखर सम्मेलन का उद्घाटन। कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस के वर्तमान और भविष्य को लेकर की चर्चा। एआई से होने वाले फायदे और नुकसान को ध्यान में रखते हुए बनानी चाहिए नीतियां।
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ( pm modi on raise 2020 ) ने सोमवार को कहा कि सरकार चाहती है भारत कृत्रिम बुद्धिमत्ता (आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस) का वैश्विक हब बने। उन्होंने ध्यान दिलाया कि भारत की नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) का लक्ष्य शिक्षा की मुख्यता तकनीकी आधारित लर्निंग और स्किलिंग पर है।
कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर आधारित पांच दिवसीय वैश्विक ऑनलाइन शिखर सम्मेलन रिस्पॉन्सिबल एआई फॉर सोशल एंपावरमेंट या RAISE 2020 का उद्घाटन करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बात पर प्रकाश डाला कि कैसे एआई का उपयोग भारत को सशक्त बनाएगा और नुकसान के खिलाफ भी चेतावनी देगा।
जून में भारत ने ऑस्ट्रेलिया, संयुक्त राज्य अमरीका, यूनाइटेड किंगडम, कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, न्यूजीलैंड और अन्य के साथ मिलकर AI के इस्तेमाल और जिम्मेदार विकास के लिए ग्लोबल पार्टनरशिप ऑन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (GPAI) का गठन किया था।
जानिए इस दौरान पीएम मोदी के भाषण की मुख्य बातेंः