
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सिंगापुर की यात्रा के दौरान व्यापक आर्थिक सहयोग पर जोर दिया है। शुक्रवार को मीडिया में अपने संबोधन के दौरान उन्होंने कहा कि आर्थिक सहयोग के मामले में वह इंडोनेशिया की हरसंभव मदद करने को तैयार हैं। उन्होंन कहा कि भारत और सिंगापुर जल्द ही एक नए 'एयर सर्विस एग्रीमेंट' में प्रवेश करने जा रहे हैं। उन्हें यह यह देखकर खुशी हो रही है कि कई महत्वपूर्ण कंपनियों के सीईओ आज भारत को आत्मविश्वास से देख रहे हैं। हम सफलतापूर्वक व्यापक आर्थिक सहयोग समझौते की दूसरी समीक्षा निष्कर्ष निकालने में सक्षम हुए हैं। अधिकारी जल्द ही आगे बढ़ने और इसे अपग्रेड करने के तरीके पर चर्चा शुरू करेंगे।
विभिन्न मुद्दों पर रहा जोर
प्रधानमंत्री मोदी और उनके सिंगापुर के समकक्ष ली हसीन लूंग के बीच इस दौरान निवेश,कनेक्टिविटी, प्रौद्योगिकी और रणनीतिक मुद्दों पर चर्चा हुई। इसके साथ रक्षा सहयोग पर भी आम सहमति बनी है। प्रधानमंत्री मोदी और सिंगापुर के राष्ट्रपति हलीमा याकोब ने द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के लिए विचारों का आदान-प्रदान किया और सरकार की प्रमुख पहलों में और सहयोग पर सहमति जताई। इस दौरान इस्ताना के राष्ट्रपति भवन में प्रधानमंत्री मोदी को गार्ड आॅफ आॅनर दिया गया।
रुपे के लिए लिंक लॉन्च किया
इस दौरान सिंगापुर के प्रधानमंत्री ली हसीन लूंग ने कहा कि उन्होंने अपने भुगतान प्रणाली नेट्स और रुपे के लिए प्रारंभिक लिंक लांच किया। भारतीय पर्यटक चांगई हवाई अड्डे पर इलेक्ट्रॉनिक भुगतान के लिए अपने रुपे कार्ड और और सिंगापुर में चयनित आॅपरेटरों का उपयोग करने में सक्षम होंगे। उन्होंने कहा कि हम सफलतापूर्वक व्यापक आर्थिक सहयोग समझौते की दूसरी समीक्षा निष्कर्ष निकालने में सफल रहे हैं, लेकिन हम इस बात पर सहमत हुए कि यह सिर्फ हमारा लक्ष्य नहीं है बल्कि संकल्प है।