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मालदीव को अमरीका की चेतावनी, देश में पारदर्शी हो चुनावी प्रक्रिया

लोकतंत्र के गिरते स्तर से चिंतिंत है अमरीका, 23 सितंबर को देश में होंगे राष्ट्रपति चुनाव
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Updated: 7 Sep 2018, 9:14 AM IST
Maldives
मालदीव में कानून का राज होना जरूरी, पारद​र्शी हो चुनवी प्रक्रिया: अमरीका

नई दिल्ली।मालदीव को कड़ी चेतावनी देते हुए अमरीका ने कहा कि यहां पर लोकतांत्रिक गतिविधियों को बढ़ावा देने का प्रयास होना चाहिए। इससे चुनावी प्रक्रिया मजबूत होगी। अमरीकी विदेश विभाग के प्रवक्ता हिथर नायूरट का कहना है कि मालदीव में पिछले दिनों लोकतंत्र के गिरते स्तर से वह चिंतिंत हैं। देश में 23 सितंबर को राष्ट्रपति चुनाव होने हैं। इस दौरान देश में चल रहीं गतिविधियां चुनाव पर असर डाल सकती हैं। हिथर के अनुसार ऐसे समय में देश में कानून का राज होना जरूरी है। इसके लिए अमरीका प्रयास करेगा कि यह चुनाव पूरी तरह से पारदर्शी हों।

मानवाधिकार संगठन को मिले छूट

हिथर ने कहा कि इस समय देश में लोकतांत्रिक गतिविधियां कायम करनी होंगी। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर विपक्ष के सांसदों को रिहा करना होगा। संसदीय कार्यवाही में गतिरोध को दूर करना होगा। मानवाधिकार संगठन को मजबूत करना होगा। लोगों को मूलभूत अधिकारों वंचित होने से बचाना होगा। इस तरह से देश में निष्पक्ष चुनाव कराए जा सकेंगे। गौरतलब है कि यह चेतावनी वर्तमान राष्ट्रपति अब्दुल्ला यामीन सरकार को दी गई है। सरकार ने देश में राजनीतिक गतिरोध का माहौल बनाया हुआ है।

नशीद पर चल रहे मुकदमे को असंवैधानिक करार दिया था

छह फरवरी 2018 को मालदीव की सर्वोच्च अदालत ने पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद नशीद पर चल रहे मुकदमे को असंवैधानिक करार दिया था और कैद किए गए विपक्ष के नौ सांसदों को रिहा करने का आदेश भी जारी किया था। इसके बाद से ही देश में राजनीतिक गतिरोध का माहौल बना हुआ है क्योंकि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद मालदीव में विपक्षी दल बहुमत प्राप्त करता दिख रहा था। मालदीव की सरकार ने अदालत के फैसले को मानने से इंकार करते हुए संसद अनिश्चितकाल स्थगित कर दी थी। इसके बाद 15 दिनों के आपातलकाल की घोषणा कर दी गई।

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