विश्‍व की अन्‍य खबरें

सार्क मीटिंग में नजरअंदाज किए जाने से तिलमिलाया पाकिस्तान, विदेश मंत्री महमूद कुरैशी ने जाहिर की नाखुशी

भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज अपना भाषण देने के बाद मीटिंग छोड़कर बाहर निकल गईं जिससे पाकिस्तानी विदेश मंत्री महमूद कुरैशी नाराज हो गए
2 min read
india pakistan
सार्क मीटिंग में नजरअंदाज किए जाने से तिलमिलाया पाकिस्तान, विदेश मंत्री महमूद कुरैशी ने जाहिर की नाखुशी

न्यूयार्क। अमरीका के न्यूयॉर्क में आयोजित दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (सार्क) की मंत्री स्तरीय मीटिंग में भारत द्वारा नजरअंदाज किये जाने से पकिस्तान भड़क गया। विदेश मंत्री स्तर की इस बैठक में हिस्सा लेने पहुंची भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज अपना भाषण देने के बाद मीटिंग छोड़कर बाहर निकल गईं जिससे पाकिस्तानी विदेश मंत्री महमूद कुरैशी नाराज हो गए और उन्होंने अपनी नाखुशी जाहिर की। संयुक्त राष्ट्र जनरल असेंबली से इतर इस मीटिंग में सार्क देशों के विदेश मंत्रियों ने हिस्सा लिया।

भड़का पाकिस्तान

भारतीय विदेश मंत्री द्वारा अपना भाषण देकर मीटिंग से निकल जाने पर पाकिस्तान के विदेश मंत्री खासे नाराज दिखे। मीटिंग के बाद एक समाचार एजेंसी से बात करते हुए पाकिस्तानी विदेश मंत्री महमूद कुरैशी ने कहा, "अगर हम इस फोरम से कुछ हासिल करना चाहते हैं तो हमें पुरानी बातें छोड़कर आगे बढ़ना होगा लेकिन यह क्या तरीका है? मुझे यह कहने में कोई संकोच नहीं है कि अगर सार्क की प्रगति में कोई बाधक है तो वह एक देश का रवैया है।" यह पूछे जाने के बाद कि क्या उनके और भारतीय विदेश मंत्री के बाद कोई बातचीत हुई, उन्होंने आगे कहा, "हमारे बीच कोई बातचीत नहीं हुई। वह बीच में ही चली गईं, शायद उनकी तबीयत ठीक नहीं थी। मैंने उनका बयान सुना, उन्होंने क्षेत्रीय सहयोग की बात की। लेकिन ऐसी स्थिति में क्षेत्रीय सहयोग कैसे संभव है, जब हर कोई बैठकर एक-दूसरे की बात सुन रहा है और आप उसे ब्लॉक करने की कोशिश कर रहे हों।"

क्या थी महमूद कुरैशी के गुस्से की वजह

दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (सार्क) की मंत्री स्तरीय मीटिंग में भारतीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के बाद ही पाकिस्तान के विदेश मंत्री का भाषण होना था। लेकिन भारतीय विदेश मंत्री अपना भाषण खत्म कर मीटिंग से निकल गईं। जिस पर महमूद कुरेशी नाराज हो गए। उसके बाद पाकिस्तानी विदेश मंत्री ने कड़ा ऐतराज जताया। हालांकि सुषमा स्वराज के
जाने के बाद भारत के विदेश सचिव विजय गोखले मीटिंग में मौजूद थे।

असल में सुषमा स्वराज ने पाकिस्तानी विदेश मंत्री के भाषण का बहिष्कार कर पाकिस्तान को एक कड़ा सन्देश देने की कोशिश की है कि भारत किसी भी स्तर पर दोहरा रवैया बर्दाश्त नहीं करेगा और इसके चलते वह पाकिस्तान से कोई भी संवाद करने के मूड में नहीं है।

सुषमा स्वराज का भाषण

सार्क देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में भाषण देते हुए सुषमा स्वराज ने कहा कि आतंकवाद दुनिया के सामने सबसे बड़ा खतरा है। सुषमा स्वराज ने कहा, "हमारे देशों के लोगों के आर्थिक विकास, प्रगति और सबसे ऊपर क्षेत्रीय सहयोग के लिए शांति और सुरक्षा का माहौल बेहद जरूरी है। हमारे क्षेत्र और विश्वभर में शांति और स्थिरता के लिए आतंकवाद इकलौता सबसे बड़ा खतरा है। यह जरूरी है कि हम आतंकवाद के हर स्वरूप को खत्म करने के लिए काम करें और सहयोग का माहौल पैदा करें।"

Updated on:
28 Sept 2018 08:16 am
Published on:
28 Sept 2018 08:16 am