मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक,यह एमओयू अधिकृत संगठनों को मान्यता प्रदान करता है,अभी भारत से अनुमति मिली है बाकि
मॉस्को। रूस और पाकिस्तान ने एक अंडरवॉटर गैस पाइपलाइन के निर्माण के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किया है,जो ईरान, पाकिस्तान और भारत से होकर गुजरेगा। रूस के ऊर्जा मंत्रालय ने गुरुवार को यह जानकारी दी। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, यह एमओयू अधिकृत संगठनों को मान्यता प्रदान करता है। इसके माध्यम से परियोजना के क्रियान्वयन में मदद की जाएगी,जिसमें अध्ययन के विकास,संसाधन आधार की पहचान,आकार और गैस पाइपलाइन के मार्ग शामिल हैं।
2017 से लंबित है प्रोजेक्ट
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता डॉ मोहम्मद फैसल के हवाले से डॉन अखबार ने लिखा है कि प्रोजेक्ट के तहत इस बात पर अध्ययन किया जाएगा कि समुद्र के भीतर गैस पाइप लाइन आसानी से डाली जा सकती है या नहीं। यह प्रोजेक्ट 2017 से लंबित था। उनका कहना है कि पाक के ऊर्जा मंत्रालय ने रूसी फेडरेशन के साथ इस आशय का करार किया है। अध्ययन के बाद जो रिपोर्ट आएगी उसके आधार पर अगली योजना बनाई जाएगी।
ईरान-पाकिस्तान गैस पाइपलाइन एक अलग परियोजना
इस बीच मीडिया ने उनसे पूछा कि क्या नई परियोजना लंबित पड़ी ईरान-पाकिस्तान गैस पाइपलाइन परियोजना की जगह लेगी। इसके जवाब में फैसल ने कहा कि ईरान-पाकिस्तान गैस पाइपलाइन एक अलग परियोजना है। बता दें कि समुद्र के भीतर गैस (अंडरसी गैस) पाइप लाइन परियोजना में चार देश पाकिस्तान, ईरान, रूस और भारत शामिल होंगे। परियोजना पर पिछले साल से चर्चा होती रही है।
भारत को हस्ताक्षर के बारे में सूचित करना होगा
रूसी ऊर्जा मंत्री एनातोली यानोव्स्की और पाकिस्तान के ऊर्जा मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव शेर अफगान खान ने मॉस्को में दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए। यानोवस्की ने कहा कि अब रूस को ईरान और भारत को हस्ताक्षर के बारे में सूचित करना होगा,जिसके बाद उसके द्वारा भारत के साथ इसी तरह के दस्तावेज पर हस्ताक्षर करने की उम्मीद है। साल 2013 में ईरान के खिलाफ प्रतिबंधों को लागू करने के कारण परियोजना पर काम रुक गया था, लेकिन 2017 में इसे फिर से काम शुरू हुआ। नवंबर 2017 में,रूस और ईरान ने एक ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए जिसमें ईरान से भारत में गैस आपूर्ति के लिए रूसी समर्थन का उल्लेख किया गया।