
इस्लामाबाद।पाकिस्तान ने एक बार फिर कश्मीर राग अलापा है। पाकिस्तानी विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ( pakistan foreign ministershah mehmood qureshi ) ने एक बयान में कहा है कि अमरीका का कश्मीर मुद्दे पर मध्यस्थता का प्रस्ताव 'उम्मीद से ज्यादा' है। दरअसल, पाक पीएम इमरान खान की US यात्रा के दौरान के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस मुद्दे पर मध्यस्थता ( Donald Trump On Kashmir ) का प्रस्ताव दिया था। पाक मंत्री इसी बयान पर टिप्पणी कर रहे थे।
'अमरीका को कश्मीर मुद्दे के महत्व का अहसास'
पाकिस्तान के स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स में दिए पाक विदेश मंत्री के बयान के मुताबिक कुरैशी ने कहा,'प्रधानमंत्री इमरान खान ने अमरीका को कश्मीर मुद्दे के महत्व का अहसास दिलाया, जिसके लिए शीघ्र समाधान जरूरी है।' रिपोर्ट्स के मुताबिक कुरैशी ने एक निजी टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में यह बयान दिया।
पाकिस्तान की उम्मीदों से कहीं अधिक है ट्रंप की पेशकश
कुरैशी ने कहा, 'पीएम खान के वाशिंगटन दौरे पर ट्रंप की यह पेशकश पाकिस्तान की उम्मीदों से कहीं अधिक है।' इंटरव्यू में कुरैशी ने भारत पर निशाना साधते हुए कहा, 'कश्मीर मुद्दे पर भारत का अड़ियल रवैया उसे भारी पड़ सकता है।' कुरैशी ने इस दौरान यह भी दावा किया कि घाटी की स्थिति लगातर बिगड़ रही है।
भारत कर चुका है इस प्रस्ताव से इनकार
पाक विदेश मंत्री ने आगे कहा कि अमरीकी राष्ट्रपति को बताया गया कि पाकिस्तान एक शांतिप्रिय देश है और वह भारत सहित एशियाई क्षेत्र में शांति स्थापित करने की कामना करता है। गौरतलब है कि इमरान की अमरीकी यात्रा के दौरान ट्रंप ने कश्मीर मुद्दे पर भारत और पाकिस्तान के बीच एक मध्यस्थ की भूमिका निभाने का प्रस्ताव दिया था। इसके साथ ही कहा था कि भारतीय पीएम मोदी ने भी उनसे इस बारे में सहयोग मांगा था। हालांकि, भारत ने तुरंत ही ट्रंप के बयान को नकारते हुए इस पेशकश को खारिज कर दिया था। भारत ने अपना रूख साफ किया कि इस मुद्दे का समाधान भारत और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय वार्ता से ही निकाला जाएगा।
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